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September 22, 2026 11:25 pm

चित्तौड़गढ़ मंडी में विवाद गहराया: हाथ ठेला व होलसेल व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन, रिटेलर्स ने रखी 6 सूत्रीय मांगें, होलसेलर्स ने दी 6% कमीशन वसूलने की सख्त चेतावनी

चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ फल मंडी में इन दिनों स्थानीय हाथ ठेला (रिटेल) व्यापारियों और होलसेल व्यापारियों के बीच गतिरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी समस्याओं और शिकायतों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है, जिससे मंडी का माहौल गर्मा गया है। एक तरफ जहाँ हाथ ठेला व्यापारियों ने होलसेलर्स पर मनमानी का आरोप लगाते हुए हड़ताल की राह चुनी है, वहीं दूसरी तरफ फल-फ्रूट व्यापारी संघ (होलसेलर्स) ने इसे अनावश्यक हड़ताल बताई हैं। हाथ ठेला फुटकर व्यवसायी यूनियन चित्तौड़गढ़ ने भी जिला कलेक्टर को अपनी 6 सूत्रीय मांगों का एक मांग पत्र सौंपा। यूनियन का कहना है कि वे सभी चिलचिलाती धूप में खड़े होकर मेहनत मजदूरी करते हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से होलसेल व्यापारियों द्वारा उनके साथ ज्यादती की जा रही है।

◆ हाथ ठेला व्यापारियों की प्रमुख 6 मांगें:

वास्तविक वजन की कटौती: बिल बनाते समय कैरेट और बारदान का वास्तविक वजन काटकर ही फल का बिल बनाया जाए।
रिटेल बिक्री पर रोक: होलसेल व्यापारियों द्वारा खुद फुटकर (रिटेल) में फल बेचना बंद किया जाए।
पारदर्शिता: बिल के अंतर्गत बारदान और कैरेट का वजन साफ तौर पर घटाकर स्पष्ट दर्शाया जाए।
टैक्स से राहत: बिल में किसी भी प्रकार का अतिरिक्त टैक्स न लगाया जाए।
खराब माल की वापसी: खराब निकले फलों को या तो वापस लिया जाए या फिर उसके पैसे काटे जाएं।
ब्याज की माफी: यदि कोई फुटकर भाई किसी कारणवश समय पर बिल का भुगतान नहीं कर पाता, तो उससे ब्याज न वसूला जाए।

◆ जायज मांगें मानने के बाद भी मंडी का माहौल बिगाड़ रहे रिटेलर्स– फल फ्रूट व्यापारी संघ

हाथ ठेला व्यापारियों के इस कदम के विरोध में आज सोमवार को फल, फ्रूट व्यापारी संघ चित्तौड़गढ़ ने भी मोर्चा खोल दिया। होलसेल व्यापारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि कुछ रिटेल व्यापारी अनावश्यक हड़ताल और धरना प्रदर्शन कर मंडी का माहौल खराब कर रहे हैं, जिससे आम जनता और उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। होलसेल एसोसिएशन का कहना है कि दोनों पक्षों की बैठक में रिटेलर्स की सीधी और जायज मांगों को पहले ही मान लिया गया था, जिसके तहत कोई भी होलसेल व्यापारी परचूनी (रिटेल) का काम नहीं करेगा। कैरेट का उतना ही वजन काटा जाएगा जितना आगे से कटकर आता है। मजदूरी दो रुपए प्रति नग और कृषि कल्याण शुल्क एक फीसदी लिया जाना तय हुआ था।
होलसेल व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर की जा रही इस नाजायज हड़ताल और धरने के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रिटेल व्यवसायी अपनी जिद पर अड़े रहे, तो वे भी मजबूरी में राजस्थान की दूसरी मंडियों की तर्ज पर 6 प्रतिशत कमीशन और एक प्रतिशत कृषि कल्याण शुल्क लगाकर व्यापार करेंगे। फिलहाल दोनों पक्षों के अपने-अपने दावों और टकराव के कारण मंडी में गतिरोध बना हुआ है।

डेस्क/माय सर्कल न्यूज
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज

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