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October 4, 2026 9:51 am

तुर्रा कलगी कार्यशाला एक दिसम्बर से

चित्तौड़गढ़। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर व संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित उत्तराधिकार गुरू शिष्य परम्परा योजना के अन्तर्गत तुर्राकलगी कार्यशाला प्रशिक्षण 1 दिसम्बर, 2024 से 31 मार्च 2025 तक स्थानीय देवरी ग्राम केन्द्र पर आयोजित होगी।
अखाड़ा कलगी घोसुण्डा मैनेजर लक्ष्मी नारायण रावल ने बताया कि लोकनाट्य कलाएँ लुप्त होने के कगार पर है और भारत सरकार ऐसी लुप्त होती लोककलाओं को आगे बढ़ाने में निरन्तर प्रयासरत है। यह उत्तराधिकार गुरू शिष्य परम्परा योजना भी ऐसी लोककला को जीवित रखने का प्रयास होगा। इस योजना का उद्घाटन 1 दिसम्बर को राउप्रावि देवरी में किया जाएगा।
सांस्कृतिक केन्द्र के निर्देशानुसार 12 बच्चों को तुर्राकलगी शैली में गायन, नृत्य, नाटक, वादन, अभिनय सिखाया जायेगा जिसमें सहायक उस्ताद मिर्जा अकबर बेग कागजी घोसुण्डा सहित 15 से 25 वर्ष के बालक, बालिका शिष्य भाग लेंगे। गुरु लक्ष्मीनारायण रावल देवरी द्वारा विजेन्द्र रावल, प्रवीण वैष्णव, विवेक रावल, अलका रावल, राहुल सुथार, अंकित, संजय कुमार, शुभम, सुनिल सुथार, ओमप्रकाश, भूमिका वैष्णव, विनोद, मुकेश सुथार, सुमित सुथार आदि शिष्यों का चयन किया गया।

डेस्क/माय सर्कल न्यूज
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज

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