
राजसमंद। जिला मुख्यालय पर स्थित रेडोन सोनोग्राफी लैब में गर्भवती महिला के साथ लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। महिला और उसके परिजनों ने आरोप लगाया कि लैब ने छह महीने तक सोनोग्राफी रिपोर्ट में गर्भ की स्थिति को स्पष्ट नहीं किया और गुमराह किया।

इससे गुस्साए परिजनों ने आज लब पर हंगामा किया जिसके बाद चिकित्सा विभाग ने जांच रिपोर्ट आने तक लैब पर ताला लगा दिया है। जानकारी के मुताबिक पीड़िता कोमल राठौड़ 3 महीने की गर्भवती होने से ही रेडोन सोनोग्राफी लेबर अपना इलाज करवा रही थी। 9 महीने गर्भवती होने तक लैब की रिपोर्ट में बताया कि उसका बच्चा स्वस्थ है लेकिन महिला को दूसरी लैब में जांच कराने पर पता चला कि उसके गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति गंभीर है। डॉक्टर्स ने महिला की जान को खतरा बताते हुए तुरंत गर्भपात की सलाह दी। यह जानकर परिजनों ने लैब पर हंगामा किया। लैब संचालकों ने गलती को मशीन में गड़बड़ी का कारण बताकर अपना बचाव किया लेकिन इस लापरवाही ने जच्चा-बच्चा दोनों की जान को खतरे में डाल दिया। सूचना मिलने पर पुलिस और चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लैब को सील कर दिया। पीड़ित परिवार ने थाने में लैब संचालकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। चिकित्सा अधिकारियों ने जांच के बाद उचित कार्रवाई की बात कही है। यह घटना मेडिकल लापरवाही का गंभीर उदाहरण है, जो जिले में चल रहे अवैध लैब के कारोबार को उजागर करता है।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
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