Explore

Search

February 17, 2026 2:23 am

कंवरपुरा में दहशत का पर्याय बना लेपर्ड पिंजरे में कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

रावतभाटा। जावदा निमड़ी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कंवरपुरा में बीते एक माह से दहशत का कारण बना लेपर्ड आखिरकार वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। लेपर्ड द्वारा हाल के दिनों में तीन मवेशियों को शिकार बनाए जाने के बाद क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था।
लेपर्ड की लगातार गतिविधियों की सूचना मिलते ही वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए गांव के आसपास पिंजरा लगाया। गुरुवार सुबह लेपर्ड सुरक्षित रूप से उसी पिंजरे में कैद हो गया, जिससे संभावित बड़ी अनहोनी टल गई और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। यह पूरी कार्रवाई उप वन संरक्षक राहुल झाझरिया एवं सहायक वन संरक्षक शोभाराम गुर्जर के निर्देशन में, क्षेत्रीय वन अधिकारी जावदा नारायण सिंह कच्छवा की निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया। लेपर्ड के हर मूमेंट पर नजर रखी गई। रेस्क्यू अभियान में नाका प्रभारी रणदीप जाट, सोना राठौर, उमेश गाँच्छा, युधिष्ठिर वीरवाल, अल्ताफ़ ख़ान, कमलेश जाट, सुभाष भाटी, प्रहलाद सिंह राठौड़, चौकीदार बागदीराम सहित वन विभाग की टीम सक्रिय रही। साथ ही पशुपालन विभाग के कर्मचारी मुकेश मीणा, गोपाल मीणा, पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रहलाद धाकड़, दुर्गाशंकर मेघवाल एवं समस्त ग्रामवासियों का सराहनीय सहयोग रहा।


वन विभाग ने जानकारी दी कि लेपर्ड को सुरक्षित रेस्क्यू कर नियमानुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। लेपर्ड के पकड़े जाने के बाद गांव की स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए अपील की है कि भविष्य में किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें तथा स्वयं किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं।

Leave a Comment

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर