Explore

Search

April 18, 2026 6:36 am

चित्तौड़गढ़ में विदेशी फल पैशन फ्रूट की खेती, ढ़ेर सारे पोषक तत्व और बेहतरीन स्वाद भी

चित्तौड़गढ़, (सलमान)। भारत एक कृषि प्रधान देश हैं यहां किसान कई तरह की अलग-अलग खेती करते हैं। कुछ किसान परम्परागत खेती को छोड़ नई खेती की ओर अपना रुख कर रहे हैं। आज ऐसी ही एक खेती की बात करने जा रहे जो किसानों के लिए फायदेमंद तो हैं ही लेकिन इसमें प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला मिनरल पोटेशियम, ब्लड प्रेशर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे हाई बीपी का खतरा कम होता है और दिल से जुड़ी बीमारियों की संभावना कम होती है।

चित्तौड़गढ़ जिले में पैशन फ्रूट की खेती

यह डायबिटीज पेशेंट के लिए भी काफी गुणकारी माना जाता हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं पैशन फ्रूट के बारे में…पैशन फ्रूट इन्हीं फलों में से एक है, जिसके बारे में काफी कम लोग ही जानते हैं। इसे भारत में कृष्ण फल के नाम से भी जाना जाता है।

ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखता है। इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम पाया जाता है, जिससे शुगर नहीं बढ़ता। इसे ब्राजील का मूल फल माना जाता है, जिस वजह से भारत में यह काफी कम जगह मिलता है।

अपने बेहतरीन स्वाद और ढ़ेर सारे पोषक तत्वों की वजह से यह विदेशी फल सेहत के लिए काफी गुणकारी साबित होता है। पैशन फ्रूट पैसिफ्लोरा बेल से उत्पन्न होता है और मूल रूप से ब्राजील, पैराग्वे और अर्जेंटीना में पाया जाता है। डायबिटीज के रोगियों के लिए पैशन फ्रूट बहुत ही फायदेमंद होता है। ये ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखता है। इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम पाया जाता है, जिससे शुगर नहीं बढ़ता।

पैशन फ्रूट की खेती

इसे ब्राजील का मूल फल माना जाता है, जिस वजह से भारत में यह काफी कम जगह मिलता है। पैशन फ्रूट मुख्य रूप से दक्षिण भारत और हिमाचल प्रदेश जैसे अन्य क्षेत्रों में उगाया जाता है, इसे इसके अनोखे स्वाद और पोषण संबंधी लाभों के लिए सराहा जाता है। पैशन फ्रूट की खेती अब राजस्थान के इलाकों में भी होने लगी हैं। चित्तौड़गढ़ जिले की भदेसर पंचायत समिति क्षेत्र के चतरा खेड़ा गांव के किसान जसराज जाट एक दिन यूट्यूब और गूगल पर पैशन फ्रूट प्लांट के बारे में देखा और उसकी जानकारी ली।

200 प्लांट गुजरात से चित्तौड़गढ़ ले आएं। करीब डेढ़ साल पहले लगाएं प्लांट पर फल आना शुरू हो गया हैं।

किसान जसराज जाट अपनी परम्परागत खेती के साथ पैशन फ्रूट प्लांट लगाने का विचार किया। इस दौरान उन्होंने गुजरात के द्वारिका के पास एक किसान द्वारा पेशन फ्रूट की सफलतापूर्वक खेती करने के बारे में पता चला। इसके बाद वह इस फल की जानकारी लेने गुजरात पहुंचे और पैशन फ्रूट के बारे में जानकारी लेकर 200 प्लांट गुजरात से चित्तौड़गढ़ ले आएं। करीब डेढ़ साल पहले लगाएं प्लांट पर फल आना शुरू हो गया हैं। अभी प्रति पौधा करीब 10 से 12 किलो फल आ रहा हैं। साल में करीब 8 माह फल आता हैं। यह पौधा बेल की तरह चलता हैं इसलिए इसको लगाने के बाद लकड़ी, बांस से बेल को सपोर्ट के लिए एक स्ट्रेक्चर खड़ा करना होता हैं। फल समाप्ति के बाद पौधे की बेल की कटिंग की जाती हैं और फिर से फुटान हो जाती हैं। इस प्लांट को लगाने तक का खर्च आता हैं उसके बाद खर्च ना के बराबर हैं। इसमें कोई केमिकल का छिड़काव नही किया जाता हैं। किसान फलों की तुड़ाई कर दो से 3 सप्ताह स्टोर भी रख सकता हैं और उसे अच्छे दामों पर मार्केट में बिक्री के लिए ले जा सकता हैं। चित्तौड़गढ़ जिले में पैशन फ्रूट की खेती सिर्फ एक किसान द्वारा की जा रही हैं।

राजस्थान की जलवायु में पैशन फ्रूट की खेती किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं। पैशन फ्रूट का स्वाद मीठा और खट्टा होता है।

किसान जसराज जाट ने बताया कि अभी पैशन फ्रूट दो सौ रुपए किलो तक बिक रहा हैं। किसान खुद फलो का ज्यूस बनाकर मार्केट में सप्लाई कर रहा हैं। उद्यान विभाग के उप निदेशक डॉक्टर शंकर लाल जाट ने बताया कि राजस्थान की जलवायु में पैशन फ्रूट की खेती किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं। पैशन फ्रूट का स्वाद मीठा और खट्टा होता है। इसके स्वाद में मैंडरिन, संतरे और अनानास की खुशबू आ सकती है। इस फल की एक अलग गंध होती है, जिसे अक्सर स्नान उत्पादों और मोमबत्तियों में मिलाया जाता है।

पौधे की बेल को बांस या लकड़ी का स्ट्रेक्चर बनाकर सहारा देना पड़ता हैं।

एनसीबीआई पर 2016 में छपी स्टडी में केला, आम, पपीता, अनानास, लीची और कृष्णा फल की तुलना की गई। जिसमें सबसे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषण से पैशन फ्रूट यानी कृष्ण फल को भरा पाया गया। अंगूर की तरह दिखने वाला यह फल पीले या काले बैंगनी रंग का होता है। यह फल पोषक तत्वों, खनिज और विटामिन से भरपूर होता है। इसके सेवन से कई फायदे होते हैं। स्वाद में मीठा लगने वाले इस फल के अंदर पपीते की तरह काले बीज पाए जाते हैं। इस फल में लोहा, तांबा, मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे खनिज भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हड्डियों की ताकत बढ़ाने का काम करते हैं। यह फल ऑस्टियोपोरोसिस से जुड़े दर्द और सूजन को कम करने में मददगार होता है।

डेस्क/माय सर्कल न्यूज
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज

निष्पक्ष और सच खबर~ आपके पास कोई ख़बर हो तो हमारे डेस्क के नम्बर 92140-30782 पर वीडियो, फोटो समेत ख़बर भेज सकते हैं। या हमें मेल करें- mycirclenews@gmail.com यूट्यूब पर सर्च करें- माय सर्कल न्यूज़

Leave a Comment

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर