बेगूं। 25 जुलाई 2025 को पारसोली थाना क्षेत्र स्थित ओराई डेम में एक महिला की लाश मिलने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए हत्या में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या का कारण प्रेम प्रसंग और आपसी विवाद बताया गया है। डेम में महिला की लाश मिलने की सूचना सबसे पहले डेम मेट शंभूलाल शर्मा ने पारसोली थाने को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब लाश को बाहर निकाला तो वह ग्रीन प्लास्टिक की मेट में लिपटी हुई थी और उसमें करीब 30 से 35 किलो का पत्थर बांधा गया था। लाश करीब 4 से 5 दिन पुरानी थी और अधगली अवस्था में थी।
पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रावतभाटा भगवत सिंह और वृताधिकारी बेगूं अंजलि सिंह के सुपरविजन में थानाधिकारी शिवराज राव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। साईबर सेल, तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से मृतका की पहचान सोनू उर्फ सोनिया भील निवासी पारसोली के रूप में हुई।

जांच में सामने आया कि मृतका सोनिया और सत्तु उर्फ सत्यनारायण हजुरी (निवासी तखतपुरा) के बीच करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध था और दोनों पारसोली में किराए के कमरे में साथ रहते थे। हाल ही में सोनिया की निकटता किसी अन्य युवक से बढ़ने पर सत्तु ने उसकी हत्या की साजिश रची।
अज्ञात मृतक महिला की लाश की शिनाख्त हेतु सर्वप्रथम थाना क्षेत्राधिकार में विगत 5-7 दिन से लापता महिलाओं की जानकारी टीम द्वारा प्राप्त की गई तथा आस पास के क्षेत्र में स्थापित सीसीटीवी कैमरो का अवलोकन किया गया। साईबर सेल टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्य एकत्रित किये गए। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। अज्ञात मृतक महिला की शिनाख्त के क्रम में महिला के भील समुदाय से संबधित होकर कस्बा पारसोली की होने का इनपुट मिला जिस पर कस्बा पारसोली में विश्वसनीय व्यक्तियों से गोपनीय रूप से जानकारी प्राप्त की गई तो मृतक महिला की पहचान सोनू उर्फ सोनिया पुत्री प्रेम जी भील निवासी पारसोली के रुप में हुई।
मृतक महिला के परिजनों से महिला के फोटोग्राफ के आधार पर शिनाख्त करवायी गई तो मृत्तक महिला सोनू उर्फ सोनिया भील ही होना पायी गई। तत्पश्चात सभी टीमों को सक्रिय कर मृतक महिला सोनू उर्फ सोनिया के घटना से पूर्व किसके साथ होने एवं कब से कस्बा पारसोली में नजर नहीं आने के संबंध में साक्ष्य संकलित करने के दिशा निर्देश दिये गए जिस पर मृतक महिला दिनांक 21 जुलाई 2035 से कस्बा पारसोली में नजर नहीं आना एवं अंतिम बार सत्त्तु उर्फ सत्यनारायण पुत्र छीतरलाल हजुरी जाति दरोगा राजपूत निवासी तखतपुरा थाना पारसोली जिला चितौडगढ के साथ देखा जाना ज्ञात आया। गठित टीमों को संदिग्ध सत्तु उर्फ सत्यनारायण की तलाश हेतु रवाना किया गया। टीमों द्वारा साईबर सेल से प्राप्त तकनीकी सहायता से आरोपी को दिनांक 2 अगस्त 2025 को डिटेन करने में सफलता अर्जित की। आरोपी सत्तु उर्फ सत्यनारायण से सोनू उर्फ सोनिया भील की हत्या करने के संबंध में पूछताछ की गई तो हत्या करना स्वीकार किया जिस पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एवं मृतक महिला अनुसूचित जनजाति की होने से प्रकरण का अनुसंधान अंजलि सिंह वृताधिकारी वृत बेगू ने स्वयं के जिम्मे लिया।
अभियुक्त सत्तू उर्फ सत्यनारायण को पुलिस रिमाण्ड पर लिया जाकर हत्या में संलिप्त अन्य आरोपीगण एवं हत्या के कारणों के संबंध में अनुसंधान किया गया तो प्रकरण में छीतरलाल पुत्र देवीलाल हजुरी, ललित पुत्र छीतरलाल हजुरी निवासी तखतपुरा, सांवरियालाल पुत्र मैरुलाल सालवी निवासी राजगढ, मुकेश उर्फ जोनू पुत्र रामलाल खारोल निवासी चेनपुरिया की भी संलिप्तता पायी गई। उक्त आरोपीगण की तलाश कर आरोपीगण ललित. सांवरियालाल, मुकेश उर्फ जोनू को डिटेन कर मृतक सोनू उर्फ सोनिया भील की हत्या में भूमिका के संबंध में पूछताछ की गई। मुख्य अभियुक्त सत्तु उर्फ सत्यनारायण द्वारा मृतका सोनू उर्फ सोनिया भील की हत्या करने के पश्चात उक्त तीनों आरोपीगण द्वारा लाश को ओराई डेम में डालने में सहायता करने से वारदात में संलिप्तता पायी गई जिस पर तीनों को गिरफतार किया जाकर आज पुलिस रिमाण्ड पर लिया गया है। अभियुक्तगण द्वारा मृतक महिला की लाश को ठिकाने लगाने में प्रयुक्त बोलेरो को जप्त किया गया है। चारो अभियुक्तगण से हत्या की वारदात के संबंध में गहनता से अनुसंधान जारी है।
वारदात करने का तरीका
अभियुक्त सत्तु उर्फ सत्यनारायण हजुरी एवं मृतका सोनू उर्फ सोनिया भील के बीच करीब 2 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनो कस्बा पारसोली में कमरा किराये पर लेकर साथ रह रहे थे। इसी दौरान मृतका का सम्पर्क एक अन्य युवक से हो जाने से अभियुक्त ने मृतका की हत्या करने की योजना बनाई। दिनांक 21.07.2025 को शाम के समय 7 से 8 बजे करीब योजना अनुसार अभियुक्त मृतका को पारसोली लाईट ग्रिड के पीछे खेल मैदान के पास में स्थित वन विभाग की पहाडी भूमि पर ले गया वहां पर मृतका को शराब पिलाई, शराब पिलाने के दौरान मौका पाकर पीछे से उसके सिर पर पत्थर से वार कर दिया जिससे मृतका घायल हो गई, फिर अभियुक्त ने मृतका की लुगडी की लीर फाडकर उसके गले में फांसीनुमा फंदा डालकर एक पेड से बांध दिया और फंदे को खींच दिया जिससे मृतका का दम घुट जाने से मृत्यु हो गई। तत्पश्चात अभियुक्त ने लाश को ठिकाने लगाने के लिये अपने पिता छीतरलाल पुत्र देवीलाल हजुरी, भाई ललित निवासी तखपुरा, दोस्त सांवरियालाल पुत्र भैरुलाल सालवी निवासी राजगढ, मुकेश उर्फ जोनू पुत्र रामलाल खारोल निवासी चेनपुरिया को बुलाया। सभी ने लाश को ठिकाने लगाने के लिए लाश के उपर पत्थर रख मेटी से बांधकर ओराई डेम में डालने की योजना बनाई। अभियुक्तगण ललित, सांवरियालाल, मुकेश उर्फ जोनू ने फोरलेन के पास से एक 30-35 किलो के पत्थर को बोलेरो गाडी में रखा, फिर पांचो मृतका की लाश को बोलेरो गाडी में डालकर ओराई डेम के लिए रवाना हुए। रास्ते में चेनपुरिया फोरलेन के पास से मृतका की लाश को बांधने के लिए हरे रंग की प्लास्टिक की मेटी व रस्सी ली। इसके बाद पांचो मृतका की लाश लेकर ओराई डेम पर गए। डेम की मोरी पर मृतका की लाश को रखकर लाश के उपर भारी पत्थर रखकर मेटी में लपेटकर बांध दिया ताकि लाश पानी में डूबी रहे और उपर नही आये। फिर लाश को डेम में डाल दिया। आरोपीगण द्वारा हत्या की वारदात को छिपाने का प्रयास किया गया मगर पुलिस टीम द्वारा त्वरित प्रयास करते हुए अज्ञात मृतका की पहचान कर वारदात का खुलासा किया गया।
पुलिस रिमांड पर चारों आरोपी
चारों आरोपी सत्तु, ललित, सांवरियालाल और मुकेश को गिरफ़्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अनुसंधान अधिकारी वृताधिकारी अंजलि सिंह के नेतृत्व में आगे की जांच जारी है।
