

बेगूं। कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत शनिवार को दोपहर 11 बजे बेगूं क्षेत्र के बिछोर गांव में नारकोटिक्स विभाग के द्वारा अफीम किसानों के लिए कृषि ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो कोटा द्वारा किया गया, जिसमें किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में उप नारकोटिक्स आयुक्त कोटा नरेश बुंदेल, सहायक नारकोटिक्स कमिश्नर (एएनसी) झब्बर सिंह राजपुरोहित, भीलवाड़ा जिला अफीम अधिकारी सुशील वर्मा सहित आईसीएआर राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र अजमेर के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने कृषि ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक एवं उर्वरक छिड़काव, समय व लागत की बचत तथा उत्पादन बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी। ड्रोन की तकनीकी के बारे में भी जानकारी दी गई। ड्रोन के उपयोग से समय व लागत की बचत के साथ साथ उत्पादन में वृद्धि संभव है। साथ ही ड्रोन की तकनीकी विशेषताओं एवं संचालन संबंधी जानकारी भी किसानों को दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि कृषि ड्रोन खरीदने पर किसानों को सरकार की ओर से अनुदान (सब्सिडी) का प्रावधान है तथा ड्रोन संचालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। कार्यक्रम में बेगूं, पारसोली, बिछोर,खेड़ी, नाल, तेजपुर एवं काटूंदा क्षेत्र के बड़ी संख्या में अफीम किसान उपस्थित रहे।
