राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने आज विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का ऐतिहासिक बजट पेश किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में पेश हुए इस बजट में विकसित राजस्थान 2047 के विजन की झलक दिखी। बजट का मुख्य केंद्र युवा, महिलाएं, किसान और प्रदेश का बुनियादी ढांचा रहा।
1. शिक्षा और युवा: परीक्षाओं में पारदर्शिता और स्वरोजगार
सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दो बड़े कदमों की घोषणा की है:
- स्टेट टेस्टिंग एजेंसी: राज्य में परीक्षाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक नई स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की जाएगी।
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना: युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान। इसमें प्रत्येक लाभार्थी को 10 लाख रुपये तक का ऋण, ब्याज सब्सिडी और मार्जिन मनी अनुदान मिलेगा। इससे करीब 30,000 युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
- नशा मुक्ति अभियान: विश्वविद्यालयों और कॉलेजों तक सघन नशा मुक्ति अभियान चलाया जाएगा।
2. इंफ्रास्ट्रक्चर और सड़क सुरक्षा: 90% मृत्यु दर कम करने का लक्ष्य
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है:
- सुरक्षित सफर: 2027 तक सड़क हादसों में होने वाली मृत्यु दर को 90% तक कम करने का लक्ष्य।
- भारी निवेश: सड़क नेटवर्क की गुणवत्ता सुधारने के लिए 2,700 करोड़ रुपये और सड़क सुरक्षा कार्यों (CCTV, ब्लैक स्पॉट हटाना) के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित।
- आधुनिकीकरण: ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक के ऑटोमेशन पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही 20,000 किमी सड़कों के कार्य का प्रस्ताव रखा गया है।
3. ऊर्जा और जल: आत्मनिर्भर राजस्थान
- अक्षय ऊर्जा: राजस्थान सौर ऊर्जा में देश का अग्रणी राज्य बना है (19,200 MW क्षमता वृद्धि)। बिजली तंत्र को मजबूत करने के लिए 2,900 करोड़ रुपये से 129 नए ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) बनाए जाएंगे।
- पेयजल: जल संकट से जूझ रहे 6,245 गांवों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।
4. डिजिटल गवर्नेंस और स्मार्ट सिटी
प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए सरकार ‘डिजिटल सर्विलांस’ पर जोर दे रही है:
- सेंट्रल ऑपरेशन सेंटर और मेट्रो ऑपरेशन सेंटर को सुदृढ़ किया जाएगा।
- 360 डिग्री मॉनिटरिंग और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के जरिए सुरक्षा पुख्ता होगी।
5. बजट का वित्तीय आकार और ग्रामीण विकास
- ऐतिहासिक वृद्धि: प्रदेश का वित्तीय आकार पिछली सरकार के मुकाबले 41.39% बढ़कर करीब 21,52,100 करोड़ रुपये अनुमानित है।
- ग्रामीण बुनियादी ढांचा: गांवों में सड़क और कनेक्टिविटी के लिए 500 करोड़ रुपये और औद्योगिक लॉजिस्टिक पार्कों के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान।
जहाँ सत्ता पक्ष ने इसे ‘ऐतिहासिक’ बताया, वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसे जुमलों की बरसात करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की पिछली घोषणाओं में से केवल 26% ही पूरी हुई हैं और सरकार उधार लेकर घी पीने की नीति पर चल रही है।
वित्त मंत्री दीया कुमारी ने साफ किया कि यह बजट समाज के हर वर्ग को छूने वाला है। विकसित राजस्थान 2047 के संकल्प के साथ सरकार अब आर्थिक और सामाजिक सुधार के नए युग की शुरुआत कर रही है।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
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