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August 15, 2026 3:58 pm

प्रशासन

खेत की मेड़ पर दिखा करीब 10 फीट लंबा अजगर, वन विभाग ने किया रेस्क्यू , आखिर क्यों गांवों और खेतों की ओर आ रहे हैं अजगर?

बेगूं। उपखंड क्षेत्र के नंदवाई समीप स्थित ग्राम पंचायत अनोपपुरा में शुक्रवार सुबह एक खेत की मेड़ पर विशालकाय अजगर रेंगता हुआ देख किसान के होश उड़ गये।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अनोपपुरा गांव में कदमली बांध के समीप गांव कास्या कुआ में एक खेत में करीब 10 फीट लंबा अजगर मिलने से हड़कंप मच गया। अजगर को देखते ही किसान के होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने अजगर को सुरक्षित पकड़कर घने जंगल में छोड़ दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। आपको बता दे कि सुबह एक स्थानीय परिवार के सदस्य खेत पर मवेशियों के लिए चारा लेने गए थे। इसी दौरान खेत की मेड़ पर बैठे भारी भरकम अजगर पर उनकी नजर पड़ी। विशाल अजगर को देखकर वे घबरा गए। ग्रामीण बाल मुकुंद आमेटा ने तत्परता दिखाते हुए घटना की जानकारी अन्य ग्रामीणों को दी और तुरंत वन विभाग की रेस्क्यू टीम से संपर्क किया।
सूचना मिलते ही बस्सी क्षेत्रीय वन अधिकारी भगवती लाल त्रिपाठी के निर्देशन में नाका आमल्दा से वन टीम मौके पर पहुंची। टीम में शामिल वनपाल विनोद कुमार खटीक, सहायक वनपाल कुलदीप सिंह और वन मित्र जगदीश भील ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

वन कर्मियों ने सूझबूझ और सावधानी के साथ 10 फीट लंबे अजगर पर काबू पाया और उसे बोरे में सुरक्षित कैद कर लिया। वन विभाग की टीम ने बाद में अजगर को आबादी क्षेत्र से दूर उसके जंगल में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया।

आखिर क्यों गांवों और खेतों की ओर आ रहे हैं अजगर?
मानसून के दौरान वन्यजीवों और विशेषकर सरीसृपों अजगर, सांप के इंसानी बस्तियों व खेतों की ओर आने के पीछे विशेषज्ञ मुख्य कारण

बारिश के मौसम में अजगर के प्राकृतिक ठिकाने जैसे जमीन के गड्ढे, पत्थरों की दरारें और बिल पानी से भर जाते हैं। खुद को डूबने से बचाने और सूखे स्थान की तलाश में अजगर बाहर निकलकर खेतों की ऊंची मेड़ या बस्तियों की ओर आ जाते हैं।


बस्सी अभयारण्य और जंगलों से निकटता।
बेगूं और नंदवाई का क्षेत्र बस्सी वन्यजीव अभयारण्य व विंध्याचल की पहाड़ियों के समीप है। जंगलों के किनारे कृषि क्षेत्र का विस्तार होने से प्राकृतिक वन्यजीव गलियारे प्रभावित हुए हैं, जिससे वन्यजीवों की आबादी क्षेत्र में आवाजाही बढ़ गई है।
शरीर का तापमान नियंत्रित करना
अजगर शीत रक्त  जीव होते हैं। बारिश या नमी वाले दिनों के बाद धूप सेकने और शरीर को गर्म करने के लिए ये खुली जगहों जैसे खेतों की मेड़, कच्ची सड़कों या पत्थरों पर आकर बैठ जाते हैं।
खेतों में प्रचुर मात्रा में शिकार
कृषि क्षेत्रों में चूहे, मेढक, नीलगाय के नवजात बच्चे, मुर्गियां और छोटे मवेशी आसानी से मिल जाते हैं। चूहों की अधिकता के कारण अजगर अक्सर जंगलों से भटककर खेतों का रुख करते हैं।
वन विभाग की ग्रामीणों को सलाह
वन अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि खेत या घर के आसपास अजगर या अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर घबराएं नहीं और न ही उसे मारने या स्वयं पकड़ने का प्रयास करें। तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि जीव और इंसान दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

महेंद्र धाकड़ बेगूं
Author: महेंद्र धाकड़ बेगूं

महेंद्र धाकड़ चित्तौड़गढ़ के अनुभवी संवाददाता हैं, जो स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों को लोगों तक सटीक और विश्वसनीय तरीके से पहुंचाने में सक्रिय हैं। माय सर्कल न्यूज़ के लिए रिपोर्टिंग करते है। -

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