
चितौड़गढ़। भारतीय किसान संघ के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट कर अफीम किसानों की विभिन्न समस्याओं और नई अफीम नीति 2026-27 को लेकर मांग पत्र सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि वर्ष 1990 से आज तक उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार समस्त कटे हुए अफीम पट्टे जारी किए जाएं। साथ ही अफीम का न्यूनतम मूल्य 10 हजार रुपए प्रति किलो किया जाए।
किसान संघ ने अफीम में मार्फिन की अनिवार्यता समाप्त कर वजन आधारित औसत को मानने की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि मार्फिन पूर्णतया प्रकृति आधारित है। ऐसे में किसानों के लिए मार्फिन की अनिवार्यता समाप्त कर वजन आधारित औसत को आधार बनाया जाना चाहिए।
NDPS की धाराओं में संशोधन की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने NDPS की धारा 8/18 में संशोधन एवं धारा 8/29 को समाप्त करने की मांग भी रखी। किसान संघ के अनुसार धारा 8/29 भ्रष्टाचार की जड़ है और इसके कारण भोले-भाले किसानों को बिना वजह परेशान एवं लूटा जाता है।
इसके अलावा सभी किसानों को समान आरी के पट्टे जारी करने, CPS वाले किसानों को भी लुवाई-चीराई के पट्टे देने तथा अफीम का कच्चा तौल पूर्णतया बंद करने की मांग की गई।
किसान संघ ने अफीम नीति को प्रतिवर्ष बनाए जाने के बजाय पांच वर्ष के लिए बनाए जाने का सुझाव दिया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इससे किसानों को नीति को लेकर स्थायित्व और स्पष्टता मिल सकेगी।
डोडाचूरा को NDPS से हटाने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने डोडाचूरा को NDPS से हटाकर आबकारी विभाग में लिए जाने की मांग भी रखी। किसान संघ ने कहा कि अफीम और डोडा को सदियों से आयुर्वेदिक औषधि माना जाता रहा है। वहीं वर्तमान समय में रासायनिक केमिकल से तैयार हो रहे MD जैसे प्राणघातक नशे पर सख्ती बरतते हुए कठोरतम कानून बनाए जाने चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अफीम आयाम प्रमुख बद्रीलाल जाट, प्रदेश राजस्व प्रमुख शिवराज पुरी, प्रांत जैविक प्रमुख गोपाल खटवड़, गीतालाल धाकड़ कनेरा एवं सोहनलाल आंजना छोटीसादड़ी शामिल रहे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक में नारकोटिक्स आयुक्त दिनेश बिसेन एवं वित्त मंत्रालय के अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से आगामी अफीम नीति 2026-27 में किसानों की समस्याओं और मांगों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने की मांग की।
Author: महेंद्र धाकड़ बेगूं
महेंद्र धाकड़ चित्तौड़गढ़ के अनुभवी संवाददाता हैं, जो स्थानीय और राष्ट्रीय समाचारों को लोगों तक सटीक और विश्वसनीय तरीके से पहुंचाने में सक्रिय हैं। माय सर्कल न्यूज़ के लिए रिपोर्टिंग करते है। -