
चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ नगर परिषद चुनाव की आहट के साथ ही शहर का सियासी पारा चढ़ गया है। पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने भाजपा सरकार और विधायक चंद्रभान सिंह आक्या पर सीधा हमला बोला है। जाड़ावत ने आरोप लगाया कि मौजूदा जनप्रतिनिधि शहर के विकास के बजाय अपने निजी कारोबार को चमकाने में व्यस्त हैं, वहीं तीन बार के कार्यकाल के बावजूद शहर की झोली खाली है। पूर्व विधायक ने भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में विकास कार्य ठप होने का दावा किया। भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने खुली चुनौती दी कि यदि उनके खिलाफ एक भी अवैध संपत्ति या घोटाले का प्रमाण मिल जाए, तो वह अपनी पूरी संपत्ति देने को तैयार हैं। जाड़ावत ने याद दिलाया कि कांग्रेस शासन में यूआईटी के जरिए करीब 110 करोड़ रुपये के काम हुए, जिनमें से 60 करोड़ रुपये अकेले चित्तौड़गढ़ शहर पर खर्च किए गए थे। स्थानीय समस्याओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व विरासत चित्तौड़गढ़ दुर्ग के सूरजपोल से नीचे जाने वाली वैकल्पिक सड़क आज तक नहीं बन सकी, जिससे आपात स्थिति में एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड का पहुंचना मुश्किल है। चंबल पेयजल परियोजना में लगातार देरी हो रही है और गंभीरी नदी का सीवरेज साफ किए बिना रिवर फ्रंट सिर्फ कागजी योजना बनकर रह गया है। जाड़ावत ने बजरी के दाम बढ़ने से आम जनता पर पड़े बोझ और प्रोजेक्ट्स की आड़ में जमीनों की खरीद-फरोख्त पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के समर्थकों के परिजनों का तबादला करके चुनावी दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन जनता इस बार विकास के मुद्दे पर ही अपना फैसला सुनाएगी। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया, अनिल सोनी, प्रेम प्रकाश मूंदड़ा, अहसान पठान, धर्मेंद्र मूंदड़ा समेत कई कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद थे।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
निष्पक्ष और सच खबर~ आपके पास कोई ख़बर हो तो हमारे डेस्क के नम्बर 92140-30782 पर वीडियो, फोटो समेत ख़बर भेज सकते हैं। या हमें मेल करें- mycirclenews@gmail.com यूट्यूब पर सर्च करें- माय सर्कल न्यूज़