बेगूं। धाकड़ समाज का 19 वा सामूहिक विवाह सम्मेलन मंगलवार को ठुकराई चौराहे पर स्थित सम्मेलन स्थल पर बड़ी धूमधाम से सम्पन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में समाज के 41 जोड़े पवित्र अग्नि के समक्ष सात फेरे लेकर जीवनभर के लिए परिणय सूत्र में बंधे। कार्यक्रम में बेगूं विधायक डॉ सुरेश धाकड़,बेगूं उपखंड अधिकारी मनस्वी नरेश, तहसीलदार विवेक गरासिया ने वर वधुओं को आशीर्वाद दिया गया। सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर उत्साह का माहौल था। इस विवाह समारोह में समाज के गणमान्य व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शादी के इस शुभ अवसर पर मायरा की रस्म ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। परंपरा के अनुसार, दुल्हनों के मामा ने बहन अपनी भांजियों के लिए उपहार, कपड़े, गहने और अन्य आवश्यक सामग्री भेंट कर रस्म पूरी की। इन सभी जोड़ों का पाणिग्रहण संस्कार जोगणियां माता शक्तिपीठ एवं विकास संस्थान के वेद विद्यालय के विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10 बजे मायरा पहनने की रस्म से हुआ। इसके बाद आशीर्वाद समारोह दोपहर 1:15 बजे, तोरण कार्यक्रम सायं 4:15 बजे, और पाणिग्रहण संस्कार गोधूलिक वेला के साथ कार्यक्रम आयोजित हुआ। वही समारोह के अंत में रात्रि 10 बजे नव वैवाहिक जोड़ों को विदाई दी गई। समिति के सदस्यों ने सम्मेलन स्थल पर बिजली, पानी, भोजन पार्किंग और रहने की सभी सुविधाओं को सुनिश्चित थी ताकि उपस्थित जनसमूह को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कार्यक्रम में सम्मेलन अध्यक्ष शम्भू लाल धाकड़,सम्मेलन पूर्व अध्यक्ष देवी लाल धाकड़,मांगी लाल धाकड़,खेमराज धाकड़,मोहन लाल धाकड़, लीला शंकर धाकड़, कन्हैया लाल धाकड़,एडवोकेट कैलाश चंद धाकड़, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष मदन गोपाल धाकड़, लाभ चंद धाकड़,कैलाश धाकड़, मुकेश धाकड़, गोविंद धाकड़,भेरू लाल धाकड़, टीम जीवनदाता से धीरज धाकड़,गोपाल धाकड़,कवि सुनील धाकड़ सहित समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


संपन्न हुए सभी रीति-रिवाज
विवाह सम्मेलन में सभी वैवाहिक रस्में जैसे हल्दी, मांडणा, फेरे और कन्यादान पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से संपन्न की गईं। पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मानकर विवाह की शपथ ली।
आयोजन की भव्यता
कार्यक्रम की शुरुआत मंगल गीतों और धार्मिक अनुष्ठानों से हुई। विवाह मंडप को पारंपरिक शैली में सजाया गया, और पूरे आयोजन में उत्साह व आनंद का माहौल रहा।


