चित्तौड़गढ़। गंगरार स्थित मेवाड़ यूनिवर्सिटी में बी.एससी. नर्सिंग की मान्यता को लेकर चल रहा विवाद अब देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी राज्यसभा तक पहुँच गया है। जम्मू-कश्मीर के सांसद सज्जाद अहमद किचलू ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ पर गहरी चिंता जताई है और उच्च स्तरीय जाँच की मांग की है। दूसरी ओर, हक की आवाज़ उठाने वाले 35 छात्रों को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सस्पेंड कर दिया है। शुक्रवार को राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान जम्मू-कश्मीर से सांसद सज्जाद अहमद किचलू ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के दर्जनों छात्र यहाँ नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन कोर्स को RNC (राजस्थान नर्सिंग काउंसिल) और INC (इंडियन नर्सिंग काउंसिल) से मान्यता ही नहीं मिली है। सांसद ने सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की इन्क्वारी कराई जाए। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपनी कमियों को दूर करने के बजाय विरोध प्रदर्शन कर रहे 35 छात्रों को सस्पेंड कर दिया है। ये छात्र पिछले तीन दिनों से हड़ताल पर हैं। छात्रों का आरोप है कि उन्हें अंधेरे में रखकर एडमिशन दिया गया और अब जब वे अपनी डिग्री की वैधता पर सवाल उठा रहे हैं, तो उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को गंगरार एसडीएम ने यूनिवर्सिटी का दौरा किया। उन्होंने हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं। वही दूसरी ओर मेवाड़ यूनिवर्सिटी ने बताया कि 2022-23 में प्रवेश कोर्ट के आदेशों के तहत लिए गए थे। कोर्ट ने सरकार को एनओसी जारी करने के निर्देश दिए थे, और तय समय में सरकार ने न तो आपत्ति जताई और न ही निरीक्षण किया, जिससे मान्यता को स्वीकृत माना जाना चाहिए। यूनिवर्सिटी का कहना है कि जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली कमेटी ने परिसर का निरीक्षण कर लिया है और रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है। मामला फिलहाल मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर पर लंबित है।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
निष्पक्ष और सच खबर~ आपके पास कोई ख़बर हो तो हमारे डेस्क के नम्बर 92140-30782 पर वीडियो, फोटो समेत ख़बर भेज सकते हैं। या हमें मेल करें- mycirclenews@gmail.com यूट्यूब पर सर्च करें- माय सर्कल न्यूज़