Explore

Search

May 21, 2026 5:34 am

प्रशासन

पीएम कुसुम और सूर्य घर योजना का कमाल: चित्तौड़गढ़ में 70 मेगावाट के सोलर प्लांट तैयार, रोजाना साढ़े 3 लाख यूनिट का उत्पादन, 2027 में दिन में किसानों बिजली देने की राह आसान

चित्तौड़गढ़, माय सर्कल न्यूज, सलमान। राजस्थान में पारा 40 डिग्री पार करते ही एसी, कूलर और पंखे दिन-रात दौड़ने लगते हैं, जिससे पावर ग्रिड हांफने लगते हैं। लेकिन इस भीषण गर्मी के बीच राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से राहत की एक बेहद बड़ी और ठंडी खबर आ रही है। चित्तौड़गढ़ ने सोलर एनर्जी के दम पर इस बिजली संकट का तोड़ निकाल लिया है। जैसे ही गर्मी का सीजन शुरू होता है, सूरज की तपिश के साथ बिजली विभाग की मुश्किलें भी सुलगने लगती हैं। भारी लोड के कारण केबल्स पिघलने और फॉल्ट होना आम बात हो जाती है लेकिन चित्तौड़गढ़ में इस बार नजारा बदला हुआ है। जिले में रोजाना करीब 80 लाख यूनिट बिजली की खपत है, जिसमें से 20 लाख यूनिट अकेले इंडस्ट्रीज के लिए खपत हो रही हैं। इस भारी मांग के बावजूद यहां अघोषित बिजली कटौती बिल्कुल नहीं है। और इसकी सबसे बड़ी वजह है- सोलर पावर का बढ़ता जाल। मेंटिनेंस के दौरान ही बिजली काटी जा रही हैं। दिन के समय बिजली की भारी मांग सीधे सोलर ग्रिड से पूरी हो रही है, जिससे पीक आवर्स में ग्रिड को बड़ी राहत मिली है।

◆ चित्तौड़गढ़ जिले में सोलर प्लांट से कितनी मिल रही बिजली

● पीएम कुसुम योजना ‘A’: 13 मेगावाट के 8 प्लांट चालू।

● पीएम कुसुम योजना ‘B’: 32 मेगावाट के 14 प्लांट सक्रिय।

● पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: छतों पर 6,188 प्लांट से 22 मेगावाट उत्पादन।

●सरकारी बिल्डिंग्स: 50 इमारतों पर रूफ-टॉप से 2 मेगावाट उत्पादन।

कुल क्षमता: करीब 70 मेगावाट, जिससे रोजाना 3 लाख 50 हजार यूनिट बिजली मिल रही है।

हालांकि, चुनौतियां भी कम नहीं हैं। रबी सीजन के बाद जिले में करीब 677 ट्रांसफार्मर खराब हुए, इनमें से अधिकतर ट्रांसफार्मर को चोर गैंग ने निशाना बनाकर तेल और कॉपर चुरा लिया। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता इंजीनियर राम सिंह यादव ने बताया कि बड़ीसादड़ी तहसील के 6 जीएसएस क्षेत्रों में कमजोर तारों के कारण किसानों को रात में बिजली देनी पड़ी थी। लेकिन अब विभाग ने इसका पक्का इलाज शुरू कर दिया है। 132 केवी लाइन के तारों को तेजी से बदला जा रहा है, ताकि साल 2027 तक किसानों को रात के बजाय दिन में ही पूरी बिजली दी जा सके। हालांकि यह प्रयोग गत रबी के सीजन से ही शुरू हो गया था और कई इलाकों में किसानों को दिन में बिजली सप्लाई की गई। साफ है कि आने वाले एक साल में चित्तौड़गढ़ का पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह बदल जाएगा। सोलर की इस क्रांति ने न सिर्फ बिजली विभाग को हाफने से बचाया है, बल्कि अन्नदाताओं के लिए दिन में बिजली के सुनहरे भविष्य की राह भी रोशन कर दी है।

डेस्क/माय सर्कल न्यूज
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज

निष्पक्ष और सच खबर~ आपके पास कोई ख़बर हो तो हमारे डेस्क के नम्बर 92140-30782 पर वीडियो, फोटो समेत ख़बर भेज सकते हैं। या हमें मेल करें- mycirclenews@gmail.com यूट्यूब पर सर्च करें- माय सर्कल न्यूज़

Leave a Comment

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर