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September 24, 2026 4:57 am

बी प्राक की प्रस्तुति से झूमा सांवलियाजी, अलग-अलग मंचों पर देर रात तक गूंजे भजन और लोकगीत

जलझूलनी एकादशी मेले में भक्ति, संगीत और लोक संस्कृति का भव्य संगम, श्रद्धालुओं से गुलजार रहा मेला परिसर

चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलियाजी में आयोजित तीन दिवसीय जलझूलनी एकादशी मेले के दूसरे दिन मंगलवार को आस्था, भक्ति, संगीत और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर बी प्राक की शानदार लाइव प्रस्तुति मेले का प्रमुख आकर्षण रही। उन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संगीत प्रेमी उमड़े। वहीं मेला ग्राउंड के विभिन्न मंचों पर भी देर रात तक भक्ति, लोक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहा। चारों ओर गीत-संगीत की स्वर लहरियां, तालियों की गड़गड़ाहट और श्रद्धालुओं के उत्साह से पूरा सांवलियाजी धाम उत्सवमय नजर आया।

बी प्राक ने भक्ति भाव से शुरू की प्रस्तुति, कहा-मेरा हर गाना भगवान को समर्पित

बी प्राक ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत भक्ति भाव से की। उन्होंने कहा कि मेरा हर गाना भगवान को समर्पित है। उनके इस भावपूर्ण संदेश के साथ ही श्रद्धालुओं ने जोरदार तालियों से स्वागत किया। इसके बाद उनकी प्रस्तुति ने धीरे-धीरे संगीत की रंगीन शाम का रूप ले लिया। जब बी प्राक ने मैं तेरे सिर सिरहाना बन जाऊं, तू राधा मैं कान्हा बन जाऊं, तू मेरी दीवानी बन जाए, मैं तेरा दीवाना बन जाऊं प्रस्तुत किया तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके साथ गीत गुनगुनाते नजर आए।

इसके बाद उन्होंने भगवान शिव को समर्पित भजन शिव की पूजा करियो रे, मृत्यु से ना डरियो रे, शिव का जो वरदान मिले, ब्रह्मा विष्णु श्याम मिले प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय कर दिया। श्रद्धालु तालियों के साथ कलाकार का उत्साहवर्धन करते रहे। मंच के सामने मौजूद लोगों ने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर भी प्रस्तुति का स्वागत किया।

भजनों से गीतों तक, देर रात तक गूंजती रही तालियों की गड़गड़ाहट

भक्ति गीतों के बाद बी प्राक ने अपने लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी। एक के बाद एक गीतों के साथ कार्यक्रम स्थल का माहौल संगीत उत्सव में बदल गया। उनकी दमदार आवाज और शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। हर गीत के बाद तालियों की गूंज और श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला।

दूर-दराज से पहुंचे अनेक श्रद्धालु विशेष रूप से बी प्राक की लाइव प्रस्तुति का आनंद लेने के लिए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सहित हर आयु वर्ग के लोग कार्यक्रम का आनंद लेते दिखाई दिए।

◆ गोवर्धन मंच पर सवाई भाट और प्रकाश माली ने बांधा समां

मेला ग्राउंड स्थित गोवर्धन स्टेज पर भी रात्रि 9 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ। प्रसिद्ध कलाकार सवाई भाट की प्रस्तुति ने दर्शकों को आकर्षित किया। वहीं प्रकाश माली मय दल ने अपनी प्रस्तुति से भक्ति एवं लोक संगीत का रंग जमाया।

कलाकारों की प्रस्तुतियों पर बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया। लोकगीतों और भक्ति संगीत से मेला परिसर देर रात तक सुरों से गूंजता रहा।

मीरा रंगमंच पर देर रात तक सजी सांस्कृतिक महफिल

मेला ग्राउंड स्थित मीरा रंगमंच पर भी रात्रि 9 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया। इसके बाद देर रात 1 बजे आशा वैष्णव की प्रस्तुति हुई, जिसका बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों ने आनंद लिया।

रात गहराने के साथ भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे।

गोवर्धन रंगमंच पर मोनिका मोरिया एवं एआईजी ही ग्रुप की प्रस्तुति

मेला परिसर के गोवर्धन रंगमंच पर देर रात 1 बजे मोनिका मोरिया एवं एआईजी ही ग्रुप मय दल द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। लोक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के इस सिलसिले ने मेले में देर रात तक उत्साह बनाए रखा।

अलग-अलग मंचों पर एक साथ आयोजित कार्यक्रमों के चलते पूरे मेला क्षेत्र में विविध सांस्कृतिक रंग देखने को मिले। कहीं भक्ति गीतों की स्वर लहरियां गूंजती रहीं तो कहीं लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।

आस्था के साथ लोक संस्कृति और संगीत का उत्सव

श्री सांवलियाजी जलझूलनी एकादशी मेला धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति और संगीत का भी भव्य उत्सव बन गया है। शोभायात्रा, राम रेवाड़ी, धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मेले में देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं को विविध अनुभव मिल रहे हैं।

मंगलवार की रात सांवलियाजी धाम में भक्ति और संगीत का ऐसा माहौल बना, जिसमें मंदिर की आस्था, लोक संस्कृति और आधुनिक संगीत एक साथ नजर आए। विभिन्न मंचों पर देर रात तक चले कार्यक्रमों ने जलझूलनी एकादशी मेले की भव्यता को और बढ़ाया।

जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी लिया कार्यक्रमों में भाग

कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री गौतम दक, विधायक अर्जुन लाल जीनगर, जिला कलक्टर डॉ. मंजू, श्री सांवलियाजी मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव, मिट्ठूलाल जाट पवन तिवारी तथा मंदिर मंडल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश धाकड़ सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, मंदिर मंडल के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

डेस्क/माय सर्कल न्यूज
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज

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