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October 2, 2026 4:41 am

प्रशासन

सार्थक परियोजना से सरकारी विद्यालयों में सीखने की गुणवत्ता होगी मजबूत

चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने बुधवार को जिला परिषद सभागार में सरकारी विद्यालयों के बच्चों की सीखने की क्षमता बेहतर करने के उद्देश्य से सार्थक (School & Parent Action for Responsive, Transformative & Holistic Learning) परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर परियोजना के पोस्टर का विमोचन किया गया। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विनय पाठक, प्रशिक्षु आईएएस मुद्रा राहेजा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा, डाइट प्राचार्य  राजेन्द्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक घनश्याम गौड़ सहित सभी ब्लॉकों के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।

परियोजना का मुख्य उद्देश्य कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों के दक्षता आधारित आकलन (सीबीए) में सुधार लाना है। प्रत्येक विद्यालय अक्टूबर 2026 के सीबीए-1 के परिणामों के आधार पर कमजोर विषयों एवं दक्षताओं की पहचान कर फरवरी 2027 के सीबीए-2 के लिए विद्यालयवार लक्ष्य निर्धारित करेगा। शिक्षकों द्वारा उपचारात्मक कक्षाएं, अतिरिक्त कालांश तथा कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भामाशाहों के सहयोग से जरूरतमंद विद्यालयों में स्मार्ट टीवी भी लगाए जाएंगे।

◆ अभिभावक बनेंगे बच्चों की सीख के साथी

21 नवंबर 2026 की मेगा पीटीएम में सीबीए-1 का विद्यालय रिपोर्ट कार्ड अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन समिति एवं ग्राम पंचायत के साथ साझा किया जाएगा। 16 जनवरी 2027 की मेगा पीटीएम में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति की समीक्षा की जाएगी। अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति, सीखने की जानकारी, घर पर पढ़ाई के लिए समय देना, बच्चे से सीखी बातों को करके दिखाने के लिए कहना, शिक्षक से संवाद तथा समस्या सामने आने पर समय पर कदम उठाने जैसे छह संकल्प अपनाने का आह्वान किया जाएगा।

ग्राम पंचायत स्तर पर होगी नियमित समीक्षा

प्रत्येक ग्राम पंचायत द्वारा प्रतिमाह विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं एसएमसी की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों की पहचान कर सुधार की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी। पंचायत स्तर पर विद्यालयों की स्थानीय समस्याओं का समाधान तथा शिक्षकों के रिक्त पदों की जानकारी जिला स्तर तक पहुंचाई जाएगी।

अधिकारियों की तय की गई जिम्मेदारियां

बैठक में अधिकारियों को परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदारियां सौंपी गईं। जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक सप्ताह ऑनलाइन समीक्षा बैठक के माध्यम से प्रगति की निगरानी की जाएगी। प्रधानाचार्य एवं शिक्षक अपने विद्यालय का लक्ष्य तय कर उसके अनुरूप कार्य करेंगे तथा स्वयं सहायता समूह भी अभिभावकों को अभियान से जोड़ेंगे।

पहले चरण में चित्तौड़गढ़ ब्लॉक, अप्रैल 2027 से जिले के सभी 11 ब्लॉक

सार्थक परियोजना का पहला चरण सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक चित्तौड़गढ़ ब्लॉक के कक्षा 3 से 8 तक के सभी सरकारी विद्यालयों में संचालित होगा। मार्च 2027 में परिणामों की समीक्षा कर उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान किया जाएगा। इसके बाद अप्रैल 2027 से परियोजना को जिले के सभी 11 ब्लॉकों में लागू किया जाएगा।

जिला निष्पादन समिति की बैठक

चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में बुधवार को जिला निष्पादन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न रैंकिंग पैरामीटर एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में नामांकन वृद्धि, आंगनबाड़ी समन्वय, विद्युतविहीन एवं जर्जर विद्यालय, वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लाडो प्रोत्साहन योजना, पालनहार योजना तथा मध्यान्ह भोजन योजना (एमडीएम) सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की प्रभावी क्रियान्विति, योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग तथा विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विनय पाठक, प्रशिक्षु आईएएस मुद्रा राहेजा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा, डाइट प्राचार्य  राजेन्द्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक घनश्याम गौड़ सहित सभी ब्लॉकों के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।

डेस्क/माय सर्कल न्यूज
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज

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