
चित्तौड़गढ़, माय सर्कल न्यूज, सलमान। राजनीति में न कोई स्थायी दोस्त होता है और न कोई दुश्मन… यह कहावत चित्तौड़गढ़ जिला कांग्रेस कार्यालय में उस वक्त बिल्कुल सच साबित हो गई, जब लंबे समय से गुटबाजी के भंवरजाल में फंसी चित्तौड़गढ़ कांग्रेस में एक दुर्लभ और सुखद तस्वीर देखने को मिली। पंचायती राज चुनावों का बिगुल बजते ही जिले के सभी क्षत्रप और दिग्गज नेता एक ही मंच पर कंधे से कंधा मिलाकर मुस्कुराते नजर आए।
जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया के कमान संभालने के बाद यह पहला मौका है जब कांग्रेस का कुनबा इस तरह एकजुट दिखा है। गुटबाजी की मार झेल रहे आम कार्यकर्ताओं के लिए यह दृश्य किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं था।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सह-प्रभारी ऋत्विक मकवाना के मुख्य आतिथ्य और जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया की अध्यक्षता में आयोजित पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक ने जिले की सियासत का पारा बढ़ा दिया। मंच पर एक तरफ पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना थे तो दूसरी तरफ पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत और राजेंद्र सिंह बिधूड़ी भी साथ बैठे नजर आए।
इनके अलावा जिला प्रभारी हगामी लाल मेवाड़ा, बड़ीसादड़ी से प्रत्याशी रहे बद्री लाल जाट, पूर्व जिलाध्यक्ष शिवदयाल शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष भैरूलाल जाट, पीसीसी सचिव ललित बोरीवाल, संगठन महासचिव दिनेश चाष्टा और युवा अध्यक्ष रविंद्र सिंह राणावत समेत दर्जनों कद्दावर चेहरों की मौजूदगी ने यह संदेश दे दिया कि चुनाव में जंग अब आर-पार की होगी!
जिला कांग्रेस कार्यालय के बंद कमरे में हुई मैराथन बैठक के दौरान पंचायती राज चुनावों में बीजेपी को पटखनी देने के लिए नई रणनीति बुनी गई। सूत्रों के मुताबिक बैठक में इस बात पर सर्वसम्मति बनी कि इस बार टिकट बंटवारे में किसी गुट की सिफारिश नहीं, बल्कि केवल जिताऊ क्षमता ही एकमात्र पैमाना होगी। इसके साथ ही युवा चेहरों को चुनावी समर में उतारने का बड़ा फैसला लिया गया है। एआईसीसी सह-प्रभारी ऋत्विक मकवाना की मौजूदगी में बनी यह हाई-पावर टीम ही अब जिले में प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेगी और उनकी उम्मीदवारी पर अंतिम मुहर लगाएगी।
सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सह-प्रभारी से मुलाकात कर संगठन का रिपोर्ट कार्ड सौंपा। एक साथ कि तस्वीर सामने आने की वजह जो भी हो, लेकिन दिग्गजों के एक साथ आने से चित्तौड़गढ़ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की बांछें खिल गई हैं और विपक्षी खेमे में हलचल तेज हो गई है। इधर यह भी जानकारी में आया कि कपासन नहर पालिका में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत होने के बावजूद वहां कांग्रेस बोर्ड नही बना सकी। कारण था कांग्रेस के जीते 4 उम्मीदवारों ने भाजपा के पक्ष में मतदान कर दिया था। अब कांग्रेस पंचायती राज चुनाव में ऐसी गलती नही करनी चाहेगी, अब ऐसे उम्मीदवारों का चयन कर रही हैं जो पार्टी के प्रति वफादार हो और जिताऊ भी हो। सिफारिश से टिकट पर सहमति नही बनेगी बल्कि दावेदारी करने वाले उम्मीदवारों को टिकट देने से पहले कई सब्जेक्ट पर देखा जाएगा और उसके बाद ही उम्मीदवार को टिकट देने पर मुहर लगेगी।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
निष्पक्ष और सच खबर~ आपके पास कोई ख़बर हो तो हमारे डेस्क के नम्बर 92140-30782 पर वीडियो, फोटो समेत ख़बर भेज सकते हैं। या हमें मेल करें- mycirclenews@gmail.com यूट्यूब पर सर्च करें- माय सर्कल न्यूज़