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August 30, 2025 3:52 pm

रास्ता एवं पुराने फीडोग को खुलवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन

बेगूं। पंचायत माधोपुर क्षेत्र के ग्राम मुरोली के ग्रामीणों को इन दिनों वन विभाग द्वारा बनाए गए अवरोधों के चलते भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिसके को लेकर ग्रामीणों ने क्षेत्रीय वन अधिकारी बस्सी को ज्ञापन सौंपकर जंगल की ओर जाने वाले पारंपरिक रास्ते एवं पुराने फीडोग को पुनः खोलने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम मुरोली की बीड़ भूमि पर वर्षों से गांववासियों का आवागमन रहा है और मवेशियों के चराने हेतु यह भूमि अत्यंत उपयोगी रही है।
ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम मुरोली की बीड़ भूमि पर पूर्व में ग्रामीणों द्वारा श्रमदान कर आने जाने हेतु रास्ता बनाया गया था। उक्त रास्ते के दोनों ओर ग्रामीणों ने दीवार भी निर्मित की थी, ताकि मवेशियों का आवागमन सुचारु रूप से हो सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि वर्षों से ग्रामीणों के उपयोग में रही है, जहां से वे मवेशियों को चराने ले जाते रहे हैं और स्वयं भी जंगल की ओर आवागमन करते रहे हैं। लेकिन हाल ही में वन विभाग द्वारा उक्त रास्ते पर दीवार खड़ी कर उसे पूरी तरह बंद कर दिया गया। यही नहीं पूर्व में बनाए गए फीडोग और पुराने रास्ते को भी नहीं खोला गया, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों ने बताया कि दीवार निर्माण के समय जब आपत्ति जताई गई थी, तो वन विभाग के कर्मचारियों ने आश्वासन दिया था कि पुराने रास्ते और फीडोग चालू रखे जाएंगे। परंतु निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद सभी रास्ते बंद कर दिए गए।
इतना ही नहीं मुरोली से नाल गांव की ओर जाने वाला रास्ता भी बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे अब न सिर्फ दैनिक आवागमन प्रभावित हुआ है, बल्कि मवेशियों को चराने में भी भारी दिक्कत आ रही है। जंगल से जंगली जानवरों के आने के कारण किसानों की फसलें भी नष्ट हो रही हैं, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन व वन विभाग से मांग की है कि बंद किए गए रास्ते व फीडोग को शीघ्र खोला जाए, ताकि आमजन व मवेशियों को राहत मिल सके।

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