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August 30, 2025 4:12 pm

प्रॉपर्टी डीलर्स एसोसिएशन ने नगर विकास न्यास सचिव और कर्मचारियों पर लगाया हठधर्मिता का आरोप

भीलवाड़ा। शहर के मास्टर प्लान से छेड़छाड़ के बाद अब भीलवाड़ा के प्रॉपर्टी डीलर्स एण्ड ब्रोकर्स एसोसिएशन ने नगर विकास न्यास के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भीलवाड़ा यूआईटी के अधिकारियों पर हठधर्मिता का आरोप लगाया है। भीलवाड़ा प्रॉपर्टी डीलर्स एंड ब्रोकर्स एसोसिएशन ने बाकायदा एक निजी होटल में प्रेस वार्ता करके यूआईटी सचिव और यूआईटी अध्यक्ष भीलवाड़ा कलेक्टर के खिलाफ उदासीनता के आरोप लगाए। संगठन के विधि प्रभारी राजकुमार टेलर ने कहा कि सारे सरकारी आदेश निर्देश और सर्कुलर को ताक में रखकर भीलवाड़ा की आने वाली 50 साल की योजनाओं को (मास्टर प्लान) से छेड़छाड़ करके अधिकारियों ने किसानों के साथ छल किया है। एवं जोधपुर उच्च न्यायालय के आदेशों की (गुलाब कोठारी 1554/2004) अवहेलना की है न्यास अधिकारियों ने मनमर्जी से मास्टर प्लान के विपरीत जोनल प्लान ई-2 में बदलाव कर दिया। इस जोनल प्लान ई-2 से छेड़छाड़ ने न्यास अधिकारियों की कार्यशैली को हास्यास्पद बना दिया है। नए प्रस्तावित जोनल प्लान पर गौर करें तो उसमें 1200 फीट चौड़ी सड़क दर्शाई गई है अगर यह सड़क धरातल पर उतरी तो संभवतया या देश की सबसे चौड़ी सड़क होगी। यह दावा प्रॉपर्टी संगठन पदाधिकारी ने किया है। संगठन के विधि सलाहकार टेलर ने नगर विकास न्यास की हाल ही में जारी की गई आवासीय योजनाओ की लॉटरी को लेकर खामियां गिनाई। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार की इसी लॉटरी वाली स्कीम में अजमेर नगर विकास प्राधिकरण में 1000 आवेदन शुल्क लिया जा रहा है जबकि भीलवाडा में 2 हजार रुपए आवेदन शुल्क वसूला जा रहा है। जिससे यूआईटी ने करीब 20 करोड़ रुपए जमा कर लिए। लॉटरी स्कीम में राज्य सरकार द्वारा जो अधिसूचना जारी की गई उसमें नगर विकास न्यास ने अपने स्तर पर ही केटेगरी बदलाव कर दिया अपने स्तर पर बदलाव करने की वजह से कई महिला ऐसी है जो कि आवेदन से वंचित रह गई है ऐसी हजारों महिलाए है एक तरफ राज्य सरकार केंद्र सरकार सभी नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए योजनाओं में छूट दे रही है वहीं यहां पर नारी शक्ति के पांव काटे जा रहे है। राज्य सरकार की एक ही अधिसूचना में अलग-अलग मापदंड अपनाए जा रहे हैं अजमेर विकास प्राधिकरण जहां 10 साल पहले रियायती दर भूखंड धारी को योजना में आवेदन करने का के लिए पात्र मान रहा है जबकि भीलवाड़ा नगर विकास न्यास इसी तरह की स्कीम में आवेदक को अपात्र मान रही है। ऐसे में हजारों आवेदक सरकारी लॉटरी स्कीम में भाग लेने से वंचित रह गए। अधिकारी नगर विकास न्यास को निजी विकास न्यास समझकर लगातार मनमर्जी के निर्णय कर रहे हैं। यहां तक की नगर विकास न्यास ने हाल ही के दिनों में 9 योजनाओं में जमीन की आरक्षित दर में असमान बढ़ोतरी कर दी है। जिसका भार भीलवाड़ा शहर की भोली-भाली जनता पर आ गया है। यहां पर नियमों की न केवल अनदेखी की गई बल्कि नियम विरुद्ध काम किया गया है जमीनों की आरक्षित दरों की बढ़ोतरी के लिए ट्रस्ट बैठक होना आवश्यक है और ट्रस्ट बैठक में निर्णय के बाद ही आरक्षित दर बढ़ाई जा सकती है। मगर न तो नगर विकास न्यास के अधिकारियों ने ट्रस्ट बैठक बुलाने की जहमत उठाई और न ही नियमों की पालना की। नियमों की अनदेखी का आलम यह रहा कि कहीं जगह तो आरक्षित जमीनों की दर 200 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है तो कहीं 400 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी सामने आई है। प्रेस वार्ता मे कैलाश कोठारी, नवनीत सोमाणी, भेरूलाल काबरा, केदार गगरानी, केदार जागेटिया, धर्मेंद्र मेहता, बबलू लाहोटी, जगदीश चौधरी, धर्मेंद मेहता दिलिप पीपाड़ा, अशोक मूंदड़ा, सहीत कई सदस्य मौजूद थे।
यूआईटी में भी हो जन सुनवाई
एसोसिएशन अध्यक्ष जगजीवन जायसवाल ने बताया कि यूआईटी में लोगों की सुनवाई नहीं होती। उन्होंने मांग की कि जिस तरह सभी विभागों में जन सुनवाई हो रही है। कलेक्टर स्वयं जिला स्तरीय जन सुनवाई कर रहे हैं। उसी तरह यूआईटी में भी जन सुनवाईहोनी चाहिए। इसमें यूआईटी चेयरमैन, चाहे जनप्रतिनिधि हो या कलेक्टर, वे भी इसमें रहे और जनता की समस्याएं सुनकर समाधान करें।
मुआवजे के लिए चक्कर लगा रहे किसान
एसोसिएसन के विधि प्रभारी राजकुमार टेलर ने बताया आपसी समझौते से ली गई भूमि का मुआवजा 12 वर्षों से किसानों को नहीं दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री से फरियाद करने पर एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों की पालना नहीं की जा रही है। किसान भीलवाड़ा ओर जयपुर के बीच चक्कर लगा रहा है अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है कुल मिला कर आलम यह है कि न्यास के अधिकारी ना कोर्ट की मानते है ना राज्य सरकार की मानते है। राज्य सरकार ने मुआवजे के संबंध में कमेटी भी गठित कर रखी है, लेकिन इसने भी कोई कार्रवाई नहीं की। कई किसानों को तो मुआवजा नहीं मिलने पर कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने यूआईटी की आठ आवासीय योजनाओं में 3081 भूखंड लॉटरी से आवंटन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
जोनल प्लान में जबरन बदलाव
संगठन के विधि सलाहकार सुनीत जागेटिया ने नगर विकास न्यास के अधिकारियों ने नगर विकास न्यास प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जोनल प्लान ई-2 में बदलाव करने से पहले मौका रिपोर्ट बनाना तो दूर मौके पर जाने की भी जहमत नहीं उठाई आलम यह है कि अधिकारियों ने बंद कमरे में ही पूरे मास्टर प्लान में बदलाव जैसी बड़ी योजना धरातल पर उतार दी जिससे कि आने वाले भीलवाड़ा के 50 साल के विकास के काम प्रभावित हो सकते हैं इसी बात को लेकर भीलवाड़ा के प्रॉपर्टी डीलर्स और ब्रोकर्स एसोसिएशन ने चिंता जताते हुए कहा कि भीलवाड़ा शहर से सटे हुए करीब 12 राजस्व गांव में जो नक्शा-खसरा सुपर इंपोज करना था जो नहीं किए गए। आबादी तक नहीं दर्शाई गई एवं मास्टर प्लान की सड़कों को परिवर्तित कर दिया जब की न्यास कमेटी दिनांक 27/3/25 को बैठक विवरण में खुद अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि उक्त क्षेत्र में बहुतायत परिवर्तन हो चुके है भू उपयोग परिवर्तन ले आउट प्लान अनुमोदित होकर पट्टे जारी इस प्रकार उक्त जोनल प्लान व्यवहारिक रूप से धरातल पर ला पाना असंभव है।

डेस्क/माय सर्कल न्यूज
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज

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