जयपुर। राजस्थान ने अपनी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना को और मजबूत बनाते हुए इंटर स्टेट आउट बाउंड पोर्टेबिलिटी शुरू की है। इससे राज्य के लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिली है। अब वे देश के किसी भी बड़े अस्पताल में 25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे।
यह कदम गंभीर रोगों से लड़ रहे मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रहा है और राजस्थान को स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी राज्य बना रहा है। पहले मरीजों को दिल्ली या गुजरात जैसे जगहों पर जाकर लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे लेकिन अब सब कुछ मुफ्त हो गया है।
यह सुविधा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के सभी योग्य परिवारों के लिए उपलब्ध है। राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुताबिक वर्तमान में 1.36 करोड़ परिवार इस योजना से जुड़े हैं। हर परिवार को 25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल सकता है जिसमें करीब 2200 तरह के उपचार पैकेज शामिल हैं।
पिछले दो सालों में 37 लाख से ज्यादा मरीजों को 7100 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज दिया जा चुका है। आउट बाउंड पोर्टेबिलिटी शुरू होने के सिर्फ 15 दिनों में ही लगभग 350 मरीजों ने अन्य राज्यों के अस्पतालों में इसका फायदा उठाया है। योजना में अब देश के 30 हजार से ज्यादा अस्पताल जुड़ चुके हैं। इनमें 16 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पताल हैं। राजस्थान के मरीज अब दिल्ली के एम्स भोपाल के एम्स गुजरात के विशेष संस्थानों चंडीगढ़ के पीजीआई लखनऊ के केजीएमयू और मेदांता जैसे नामी जगहों पर इलाज करा सकेंगे। दिल्ली गुजरात हरियाणा मध्य प्रदेश महाराष्ट्र पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे कई राज्यों के अस्पताल इस सूची में हैं। इससे मरीजों को उच्च स्तर की चिकित्सा आसानी से मिल सकेगी। यह योजना प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़ी हुई है जो अब राष्ट्रीय स्तर पर काम कर रही है। पहले इन बाउंड पोर्टेबिलिटी से दूसरे राज्यों के लोग राजस्थान में इलाज करा सकते थे। अब 19 दिसंबर से आउट बाउंड पोर्टेबिलिटी लागू होने से राजस्थान के नागरिकों को भी बाहर की सुविधाएं मिल रही हैं।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
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