





बेगूं। उपखंड क्षेत्र के नन्दवाई कस्बे में गुरुवार को लक्ष्मी नाथ भगवान धाकड़ समाज मंदिर परिसर में श्री सत्यनारायण भगवान की कथा का भव्य आयोजन किया गया। कथा वाचन करते हुए पंडित प्रमोद तिवारी शास्त्री ने कहा कि अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। उन्होंने गृहस्थ आश्रम को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए कहा कि ईश्वर प्राप्ति के लिए मन की शुद्धि और निस्वार्थ भक्ति अनिवार्य है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गुरु के बिना न तो सच्चा ज्ञान प्राप्त होता है और न ही वास्तविक भक्ति संभव है। कथा के दौरान भजन, कीर्तन और जयघोष से पूरा पांडाल भक्तिमय हो उठा। संकीर्तन मैंने आंगन नहीं बुहारा, कैसे आएंगे भगवान जैसे भजनों पर श्रोतागण भाव विभोर हो गए। यह आयोजन धाकड़ परिवार की ओर से लक्ष्मी नारायण भगवान मंदिर प्रांगण में किया गया। इसी क्रम में नन्दवाई में श्री चारभुजा नाथ बड़ा मंदिर में तुलसी विवाह महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। भगवान श्री लक्ष्मी नारायण ठाकुर की बिंदौरी आज दोपहर 12:15 बजे निकाली गई, जो मुख्य मार्गों से होते हुए धाकड़ मोहल्ला, पुराना बैंक गली, बालाजी मंदिर, मुख्य बाजार, रावण की बावड़ी, कुम्हारा मोहल्ला, नाथों का मोहल्ला, बस स्टैंड, बावनो कुण्डी जाटों का मोहल्ला होते हुए श्री बड़े चारभुजा लक्ष्मी नाथ मंदिर पहुंची। बिंदौरी में शालिग्राम बावण की आकर्षक झांकी सजाई गई। डोल नगाड़ों की गूंज पर महिलाएं, युवा और बच्चे नृत्य करते नजर आए। ग्रामवासियों ने जगह जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया तथा जलपान की व्यवस्था भी की गई।
कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 1 बजे हल्दी व मेहंदी, 2 बजे स्नेहभोज (महाप्रसादी), शाम 5 बजे बासन कार्यक्रम तथा 6 बजे विशेष आयोजन रखा गया। श्री बड़े चारभुजा नाथ (51) एवं श्री लक्ष्मी नाथ भगवान (50) के बासन कार्यक्रम संपन्न हुए। कल पिपलाज माताजी में भगवान लक्ष्मी नाथ के तुलसी विवाह उपलक्ष में तुलसी की बिंदौरी निकाली जाएगी। दोपहर 2 बजे स्नेहभोज एवं शाम 4 बजे शालिग्राम विवाह होगा। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से बारात श्री चारभुजा जी मंदिर पहुंचेगी, जहां शाम 7:15 बजे तोरण एवं गोधूलि बेला में शुभ विवाह संपन्न होगा। इस पावन अवसर पर आसपास के गांवों सहित समस्त ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और पूरे क्षेत्र में भक्ति एवं उत्सव का माहौल बना रहा है।

