◆ श्रीविश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड अध्यक्ष राम गोपाल सुथार की ‘माय सर्कल न्यूज’ से बातचीत
चित्तौड़गढ़, माय सर्कल न्यूज। राजस्थान की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा और पारंपरिक हुनर को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के लिए श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड ने एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। बोर्ड के अध्यक्ष राम गोपाल सुथार ने माय सर्कल न्यूज से विशेष वार्ता के दौरान बताया कि प्रदेश की पारंपरिक काष्ठ (लकड़ी) और मेटल कला में माहिर कारीगरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए बोर्ड अब जमीनी स्तर पर काम शुरू करने जा रहा है। बोर्ड अध्यक्ष राम गोपाल सुथार ने चित्तौड़गढ़ जिले के बस्सी कस्बे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र काष्ठ कला का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहाँ की लकड़ी की कलाकृतियाँ अपनी बारीकी और विशिष्ट शैली के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड अब बस्सी की इस ऐतिहासिक काष्ठ कला को जीआई टैग देने की तैयारी कर रहा हैं। जीआई टैग मिलने से न केवल इस कला की शुद्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यहाँ के उत्पादों की मांग और कीमत में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि वो जल्दी ही बस्सी का दौरा करेंगे और काष्ठ कला से जुड़े सभी कारीगरों से मिलेंगे। अध्यक्ष ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी पारंपरिक कलाएँ बुजुर्गों के साथ ही सीमित न रह जाएं, इसके लिए कौशल हस्तांतरण अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि हमारे पास राष्ट्रीय स्तर पर पुरुस्कृत ऐसे कई अनुभवी कारीगर हैं जिनके हाथों में जादू है। बोर्ड इन विशेषज्ञों को ट्रेनर के रूप में नियुक्त करेगा ताकि वे दूसरी और तीसरी पीढ़ी के युवाओं को प्रशिक्षित कर सकें। इस पहल से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि यह प्राचीन विरासत भी सुरक्षित रहेगी। बोर्ड अध्यक्ष सुथार ने स्पष्ट किया कि कारीगरों की सबसे बड़ी समस्या उत्पादों की सही मार्केटिंग और उचित मूल्य न मिल पाना है। बोर्ड अब सेतु का काम करते हुए इन हुनरबाजों को सीधा बाजार उपलब्ध कराएगा। उन्होंने जानकारी दी कि बोर्ड द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों के लिए विशेष प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं, जिनका प्रस्ताव राज्य सरकार को पेश किया जा चुका है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से मेटल (धातु) और वुडन वर्क से जुड़े हजारों परिवारों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है। ज्ञात हो कि काष्ठ कला में चित्तौड़गढ़ के बस्सी में कावड़ और बेवाण बनाने के लिए जाना जाता है।

◆ सुथार ने किए प्राकट्य स्थल पर दर्शन, ग्राम पंचायत कार्यालय का किया अवलोकन
भादसोड़ा। राजस्थान सरकार के श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने बुधवार को बागुण्ड भादसोड़ा स्थित श्री सांवलिया जी प्राकट्य स्थल मंदिर पहुंचकर भगवान श्री सांवलिया सेठ के दर्शन किए। मंदिर परंपरानुसार औसरा पुजारी ने चरणामृत, तुलसी पत्र, महाप्रसाद एवं कोषाध्यक्ष अशोककुमार अग्रवाल ने उपरणा-तस्वीर भेंट कर स्वागत किया।

इधर, भादसोड़ा चौराहे पर सुथार समाजजनों ने माला-साफा पहनाकर स्वागत सत्कार किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासक डॉ. शम्भू सुथार, रामचन्द्र, मोहनलाल, रामचन्द्र, कचरूमल बस्सी, राधे सुथार, सत्यनारायण, दुर्गाशंकर, विमल, लोकेश आदि सुथार समाजजन उपस्थित थे।
श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने भादसोड़ा ग्राम पंचायत में विशेष ग्रामसभा का अवलोकन कर आवासीय पट्टा वितरण किया। इस दौरान प्रशासक डॉ. शम्भू सुथार, ग्राम विकास अधिकारी उदयलाल जाट, राधे सुथार मौजूद थे।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
निष्पक्ष और सच खबर~ आपके पास कोई ख़बर हो तो हमारे डेस्क के नम्बर 92140-30782 पर वीडियो, फोटो समेत ख़बर भेज सकते हैं। या हमें मेल करें- mycirclenews@gmail.com यूट्यूब पर सर्च करें- माय सर्कल न्यूज़