चित्तौड़गढ़ जिले में कल रात कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिला। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जिले भर के मौसम में अचानक बदलाव आया। जहाँ एक ओर कड़ाके की ठंड ने फिर से दस्तक दी है, वहीं बेमौसम हुई बारिश और ओलावृष्टि ने अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। देर रात चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा, बस्सी, निम्बाहेड़ा, कपासन और बेगूं समेत कई इलाकों में तेज गर्जना के साथ झमाझम बारिश हुई। कई क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया। इस अचानक आए बदलाव से तापमान में भारी गिरावट आई है और सर्दी का असर एक बार फिर बढ़ गया है। लेकिन इस बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। इन दिनों जिले में सरसों की कटाई का काम जोरों पर था, जो बारिश की वजह से पूरी तरह भीग गई है। इसके साथ ही, कीमती अफीम की फसल को भी इस ओलावृष्टि से भारी नुकसान पहुँचा है। किसानों के इस संकट को देखते हुए निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। विधायक ने तत्काल जिला कलेक्टर आलोक रंजन और उपखण्ड अधिकारी से फोन पर बात की और उन्हें प्रभावित इलाकों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि अधिकारी तुरंत प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें।
फसलों के नुकसान की त्वरित गिरदावरी की जाए और नुकसान का सही आकलन कर पीड़ित किसानों को जल्द राहत प्रदान की जाए।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
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