चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जिले के समस्त राजस्व एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व प्रकरणों के शीघ्र, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष फोकस रखते हुए व्यापक समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग एवं तय समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजकीय भूमि पर अतिक्रमण एवं पश्चातवर्ती अतिक्रमण के मामलों में निरंतर प्रभावी कार्रवाई जारी रखने पर बल दिया।
बैठक में राजस्थान टेनेन्सी एक्ट, 1955 की धारा 175 एवं 183-बी, इजराय प्रकरण, तथा गैर खातेदारी से खातेदारी अधिकार प्रदान करने से संबंधित लंबित मामलों की गहन समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने इन प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के अकृषिक प्रयोजन हेतु संपरिवर्तन (कन्वर्जन) के लंबित मामलों पर विशेष ध्यान देते हुए 45 दिवस से अधिक लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, नियम 14 के तहत संपरिवर्तित भूमि के उपयोग एवं आवंटित राजकीय भूमि के समयबद्ध उपयोग की स्थिति की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में आम रास्ता, धारा 251-ए, पी.एल.पी.सी. प्रकरण, तथा भू-राजस्व वसूली एवं बकाया की स्थिति पर भी चर्चा हुई। जिला कलक्टर ने वसूली कार्य में और अधिक गति लाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त ऑडिट पैरा की पालना, न्याय अनुभाग के प्रकरण, तथा जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करते हुए बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए। अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) से जुड़े मामलों को भी शीघ्र निस्तारित करने पर जोर दिया गया।
लाईट्स पोर्टल एवं राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए समयबद्ध निस्तारण, क्रॉस वेरिफिकेशन एवं पोर्टल अपडेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
संस्थापन अनुभाग के अंतर्गत प्राथमिक जांच, नियम 17 सीसीए, 16 सीसीए एवं 17-ए के प्रकरणों की समीक्षा कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
संपर्क अनुभाग के अंतर्गत अधिकारियों के भ्रमण, निरीक्षण, रात्रि विश्राम एवं जनसुनवाई की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर देते हुए पोर्टल पर समय पर अपडेट सुनिश्चित करने एवं आकस्मिक निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पंजीयन लक्ष्यों की प्राप्ति, लोकायुक्त, मानवाधिकार आयोग, महिला/अजा/अजजा आयोग के प्रकरण, मुख्यमंत्री कार्यालय (ब्ल्यू लेटर) से प्राप्त परिवाद एवं लंबित विधानसभा प्रश्नों की भी समीक्षा कर प्राथमिकता से निस्तारण के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही बजट घोषणा 2026-27 के अंतर्गत भूमि आवंटन, नामांतरण (म्यूटेशन), अवैध खनन की रोकथाम, सीमाज्ञान, पत्थरगढ़ी एवं फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े लंबित कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी राजस्व प्रकरणों के निस्तारण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि आमजन को शीघ्र राहत मिल सके और प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो।
उन्होंने ग्राम रथ अभियान के दौरान आमजन की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि जहां-जहां रथ पहुंचे, वहां सुरक्षा, छाया, पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं प्राथमिक चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही भीड़ प्रबंधन एवं संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए तथा अभियान के दौरान सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) प्रभा गौतम, अतिरिक्त जिला कलक्टर (भू-अभिलेख) रामचंद्र खटीक, एसडीएम बीनू देवल सहित समस्त उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार एवं राजस्व अधिकारी वीसी के माध्यम से उपस्थित रहे।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
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