
जयपुर। इंटरनेशनल एमएसएमई डे के अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के हस्तशिल्प, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को एक बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार ने प्रदेश में उद्यमिता को बढ़ावा देने, निवेश को आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार राजस्थान के औद्योगिक विकास और निवेशकों की सहूलियत के लिए लगातार धरातल पर काम कर रही है।
एमएसएमई सेक्टर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इन नए निर्णयों से राज्य में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को एक नई और सकारात्मक गति मिलेगी। – भजन लाल शर्मा, मुख्यमंत्री, राजस्थान
◆ चार शहरों में पीपीपी मॉडल पर बनेंगे हाट
हस्तशिल्प और सूक्ष्म उद्यमों के उत्पादों को वैश्विक और घरेलू बाजार में पहचान दिलाने के लिए सरकार पीपीपी मॉडल पर कई जिलों में हाटों का विकास और संचालन करेगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पहले चरण में पुष्कर, नाथद्वारा, जैसलमेर और अलवर में इन हाटों को विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य के ‘पंच गौरव’ से जुड़ी प्रसंस्करण इकाइयों को वित्तीय सहायता दी जाएगी, जबकि वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना के तहत भी उद्यमियों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
◆कैपिटल सब्सिडी की अवधि घटी, निवेश सीमा आधी हुई
उद्यमियों को वित्तीय लाभ जल्द से जल्द पहुंचाने के लिए सरकार ने नीतियों में बड़े बदलाव किए हैं।
◆सब्सिडी में राहत: राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन योजना के तहत एमएसएमई को मिलने वाली कैपिटल सब्सिडी की अवधि को 10 वर्ष से घटाकर 7 वर्ष कर दिया गया है।
◆सेमीकंडक्टर क्षेत्र को बढ़ावा: इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र को रफ्तार देने के लिए रिप्स-2024 के तहत न्यूनतम निवेश सीमा को 30 करोड़ रुपये से घटाकर सीधा 15 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
◆निवेश में लचीलापन: निवेशकों को अब अधिकतम तीन चरणों के बजाय पांच चरणों में निवेश करने की बड़ी छूट दी गई है।
◆ महिला और दिव्यांग कर्मचारियों को सौगात
कौशल विकास और समावेशन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने महिला और दिव्यांग कर्मचारियों के मासिक भत्ते को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही, स्टार्टअप्स को बूस्ट देने के लिए राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड के माध्यम से इस वर्ष 25 नए स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को अनुदान राशि और प्रोत्साहन के डमी चेक भी सौंपे गए।
◆लोन की बेहतर फैसिलिटी और उद्यमियों से संवाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उन उद्यमियों से सीधा संवाद किया जिन्होंने सरकारी योजनाओं की मदद से अपना कारोबार शुरू किया है और दूसरों को रोजगार दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इन नए निर्णयों से राज्य में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को एक नई और सकारात्मक गति मिलेगी। इस मौके पर उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी संबोधित करते हुए कहा कि सरकार उद्यमियों को लोन की बेहतर फैसिलिटी मुहैया करा रही है और रीको वर्तमान में इंडस्ट्री के लिए एक कैटालिस्ट के रूप में बेहतरीन काम कर रहा है।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
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