
◆ प्रोपेन गैस रिसाव की घटना पर तुरंत पाया गया नियंत्रण, पुलिस एवं प्रशासन मौके पर पहुँचा
चित्तौड़गढ़। हिन्दुस्तान जिंक के चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर में मंगलवार सुबह पायरो संयंत्र स्थित प्रोपेन भंडारण क्षेत्र में गैस रिसाव की सूचना मिलने पर जिंक प्रबंधन एवं जिला प्रशासन ने तुरंत सक्रिय होकर बचाव एवं स्थिति को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की। जिंक प्रबंधन की तत्परता से स्थिति पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया गया तथा बाद में इसे मॉक ड्रिल घोषित किए जाने पर सभी ने राहत की साँस ली।
भारत सरकार की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की अवधारणा के अनुरूप हिन्दुस्तान जिंक की इकाई चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर में आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्यास (इमरजेंसी रिस्पॉन्स ड्रिल) आयोजित किया गया। प्रातः 11 बजे पायरो इकाई में प्रोपेन गैस रिसाव की सूचना मिलते ही जिंक प्रबंधन की अग्निशमन सेवा, एम्बुलेंस एवं बचाव दल घटनास्थल पर पहुँचे और तत्काल बचाव एवं नियंत्रण कार्य प्रारम्भ किया।
जिला कलेक्टर डॉ. मंजू एवं जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह को तुरंत घटनास्थल की स्थिति एवं की जा रही तैयारियों की जानकारी दी गई। इस दौरान आसपास के उद्योगों बिरला सीमेंट वर्क्स एवं इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), जालमपुरा से भी सहायता मांगी गई। मॉक ड्रिल के अंतर्गत गैस रिसाव के पश्चात उत्पन्न होने वाली संभावित आपात स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए खोज एवं बचाव अभियान (सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन) चलाया गया। साथ ही हिन्दुस्तान जिंक में उपलब्ध स्प्रिंकलर प्रणाली, अग्निशमन हाइड्रेंट प्रणाली तथा अग्निशमन वाहनों की सहायता से स्थिति को नियंत्रित करने का अभ्यास किया गया।
चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर के लोकेशन हेड एवं साइट एमरजेंसी कंट्रोलर आलोक रंजन तथा महेश कन्नन ने नियंत्रण कक्ष से पूरे अभियान का संचालन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। वहीं घटनास्थल पर हिन्दुस्तान जिंक के सुरक्षा प्रमुख विजय गोयल, सीएलजेडएस सुरक्षा प्रमुख बालचंद पाटीदार फायर ऑफिसर विनय तथा इन्सिडेंट कंट्रोलर पुष्पेंद्र मीणा ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
बाहरी सहायता पहुँचने से पूर्व ही जिंक प्रबंधन द्वारा स्थिति पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर लिया गया। इस दौरान वरिष्ठ निरीक्षक, कारखाना एवं बॉयलर्स विभाग से हिम्मत सिंह भाटी, जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से सहायक कलेक्टर सुश्री मुद्रा रहेजा, तथा पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर उप पुलिस अधीक्षक गंगरार उदय सिंह चुंडावत भी मौके पर पहुँचे। गंगरार पुलिस थाना से ए.एस.आई फूलचंद एवं पुलिस नियंत्रण कक्ष का जाब्ता भी घटनास्थल पर उपस्थित रहा।
इसके अतिरिक्त गंगरार तहसीलदार रजनी चैधरी, पुलिस थाना चंदेरिया, थाना गंगरार एवं चित्तौड़गढ़, श्री सांवलियाजी सामान्य चिकित्सालय की एम्बुलेंस, बिरला सीमेंट की अग्निशमन सेवा, 108 एम्बुलेंस सेवा, गंगरार एम्बुलेंस, चित्तौड़गढ़ अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस टीम तथा अन्य सहयोगी एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाई।
मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने मॉक ड्रिल को सराहनीय एवं सफल बताया तथा निर्देश दिए कि किसी भी आपदा की स्थिति में उद्योग प्रबंधन को तत्परता से बचाव, राहत एवं आपदा प्रबंधन के कार्य सुनिश्चित करने चाहिए।
मॉक ड्रिल के दौरान आईओसीएल के उपप्रबंधक (सुरक्षा) अंकित कुलहारी तथा चंदेरिया लेड जिंक स्मेल्टर से राकेश दुर्गावत, सुनील कुमार, संदीप पालीवाल, अजीत सिंह, प्रियजित दास, श्याम गोस्वामी अश्विनी भट्ट, मुकेश कुमार जैन, आर. पी. सिंह, अविष्कार ओझा, महिपाल सिंह, जी. मलेशम, अमरीश कुमार एवं देवराज उपस्थित रहे। सुरक्षा विभाग से अभिषेक कोठारी, शुभम साहू, उषा शर्मा, भगवती पालीवाल, रेणु श्रिंगी, दीपक पटेल भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
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