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August 30, 2025 9:00 am

बच्चों के साथ अश्लील हरकत करने वाला अध्यापक निलंबित,पुलिस ने लिया हिरासत में

बेगूं। बेगूं क्षेत्र में आंवलहेड़ा स्कूल में पदस्थ एक शिक्षक द्वारा बच्चों के साथ अश्लील हरकतें करने पर पर शिक्षा मंत्री ने तत्काल कार्रवाई की और अध्यापक को निलंबित कर दिया गया है। अश्लील वीडियो का मामला संज्ञान में आते ही शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है तथा शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को आरोपी शिक्षक के खिलाफ कठोरता कार्रवाई करने के आदेश दिए। शिक्षा मंत्री दिलावर ने कहा कि आरोपी शिक्षक शंभू लाल धाकड़ ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दी है। ऐसे शिक्षक समाज पर कलंक है। जो समाज और शिक्षा के मंदिर को कलंकित कर रहे है। इन्हें ऐसा दंड दिया जाएगा जो अन्य के लिए एक नजीर बने। मैने अधिकारियों को इस शिक्षक को कठोर से कठोर सजा देने के लिए कहा है। प्रकरण के अनुसार महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय आंवलहेड़ा बेगू में कार्यरत अध्यापक शंभूलाल धाकड़ के विरुद्ध की गई शिकायत के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक नए राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के नियम 13 में पदक शक्तियों का प्रयोग करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय भोपाल सागर में किया गया है ।

कानूनी प्रक्रिया शुरू,कई धाराओं में मामला दर्ज

थानाधिकारी शिवलाल मीणा ने बताया कि आरोपी शिक्षक शंभूलाल धाकड़ को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब तक 10 से अधिक बच्चों के बयान लिए गए हैं। साथ ही पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। मामले में पॉक्सो एक्ट, एससी/एसटी एक्ट व आईटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

आपको बता दें कि शिक्षा के केंद्र माने जाने वाले विद्यालय परिसर में एक शिक्षक द्वारा बच्चों के साथ की गई अनुचित हरकतों ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। विद्यालय में कार्यरत शिक्षक पर नाबालिग विद्यार्थियों के साथ अशोभनीय और आपत्तिजनक व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। यह मामला तब सामने आया जब इन घटनाओं से जुड़े कुछ वीडियो वायरल हो गए। ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की और उपखंड अधिकारी मनस्वी नरेश स्वयं टीम के साथ विद्यालय पहुंचीं। उन्होंने छात्रों से विस्तार से बातचीत की और मामले की गंभीरता से लिया। विद्यालय परिसर में 10 से अधिक बच्चों के बयान लिए गए हैं। साथ ही पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। वही इस मामले में चार सदस्य की टीम का गठन किया गया है।

प्रशासन की सख़्त चेतावनी, बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता

उपखंड अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस तरह की घटनाएं किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की पूरी तरह जांच कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही विद्यालय प्रशासन और शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्मबल को बनाए रखने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं।

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