◆चंदेरिया स्मेल्टिंग काॅम्प्लेक्स के आस पास के 100 से अधिक किसान परिवारों के जीवन में आई खुशहाली
चित्तौड़गढ़। विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक कंपनी, हिन्दुस्तान जिंक ने सीएसआर के तहत् ग्रामीण और कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने अपने चंदेरिया स्मेल्टिंग काॅम्प्लेक्स के पास स्थित बिालिया गांव में एक अनूठी लिफ्ट सिंचाई तकनीक स्थापित कर 125 एकड़ कृषि भूमि को नया जीवन दिया है। इस पहल से गांव के 100 से अधिक किसान परिवारों का जीवन बेहतर हुआ है।
इस परियोजना के तहत निचले इलाकों से पानी को ऊपरी कृषि क्षेत्रों तक पहुंचाया जाता है, जिससे 125 एकड़ कृषि भूमि में पूरे साल सिंचाई संभव हो पाती है। पहले, सिंचाई की पर्याप्त सुविधा न होने के कारण, इस क्षेत्र की खेती योग्य भूमि गर्मियों के महीनों में पानी के लिए तरसती रहती थी। अब, भरोसेमंद जल आपूर्ति उपलब्ध होने से, किसान गेहूं, ज्वार और उच्च मूल्य वाली नकदी फसलों की खेती कर पा रहे हैं। इससे उनकी उत्पादकता बढ़ी है, फसल खराब होने का खतरा कम हुआ है और उनकी आय में सुधार हुआ है।
बिलिया गांव के किसान जीतमल कुमावत ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इस नई लिफ्ट सिंचाई प्रणाली ने वास्तव में हमारे खेती करने के तरीके को बदल दिया है। पहले ऊपरी खेतों तक पानी पहुँचाना एक बहुत बड़ी समस्या थी। अब हिंदुस्तान जिंक के सहयोग से, पानी हमारी जमीन के हर हिस्से तक आसानी से पहुँच रहा है – जिससे गेहूँ, ज्वार और नकदी फसलें उगाना भी आसान हो गया है। मैं सराहना करता हूँ कि कंपनी हमेशा वैज्ञानिक तरीके अपनाती हैं जिसमें हम विशेषज्ञों की सलाह, जमीन की जानकारी लेते हैं, और ऐसे समाधान लागू करते हैं जो वास्तव में कारगर हैं। यह परियोजना हिन्दुस्तान जिंक की प्रमुख सस्टेनेबल कृषि विकास पहल का हिस्सा है। यह जलवायु-अनुकूल खेती, मिट्टी और जल संरक्षण, पशुधन विकास और बाजार संपर्क को बढ़ावा देती है। वर्तमान में, समाधान परियोजना राजस्थान के छह जिलों उदयपुर, सलूम्बर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और अजमेर में लगभग 35 हजार किसान परिवारों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। इस पहल के तहत किसानों को अनुकूलित सहयोग और प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे केवल अपनी जरूरतों को पूरा करने वाली खेती से आगे बढ़कर अधिशेष उत्पादन करने में सक्षम हो रहे हैं।
कृषि के अलावा, हिन्दुस्तान जिंक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, ग्रामीण महिलाओं और किसानों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच, कला और संस्कृति को बढ़ावा देने, जल संरक्षण और स्वच्छता और जमीनी स्तर के खेलों को प्रोत्साहित करने जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है। कंपनी के सामुदायिक विकास प्रयासों से लगभग 2400 गांवों के 23 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं।
भारत की शीर्ष 10 सीएसआर कंपनियों में शामिल, हिन्दुस्तान जिंक़ की यह पहल एक ऐसे मजबूत और आत्मनिर्भर राजस्थान के निर्माण के लिए उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है जो समावेशिता, नवाचार और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को बढ़ावा देता है।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
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