Explore

Search

September 30, 2026 4:41 am

विश्व हृदय दिवस : धड़कते दिल की हिफाज़त और सेहत का गणित

माय सर्कल न्यूज डेस्क। हर साल 29 सितंबर को दुनिया भर में विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को दिल की बीमारियों के प्रति जागरूक करना और हृदय स्वास्थ्य के महत्व को समझाना है। हमारा हृदय शरीर का एक ऐसा महत्वपूर्ण अंग है जो जन्म से लेकर जीवन के अंतिम क्षण तक बिना रुके और बिना थके लगातार काम करता रहता है। हालांकि, मॉडर्न जीवनशैली, अत्यधिक मानसिक तनाव और अनियमित खान-पान के कारण आज हृदय रोगों का खतरा अभूतपूर्व रूप से बढ़ गया है, जिससे दिल की देखभाल करना पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है।

कुदरत की बनाई यह अद्भुत मशीन हमारे पूरे शरीर में रक्त का संचार करती है। एक स्वस्थ वयस्क का दिल सामान्य स्थिति में प्रति मिनट 60 से 100 बार यानी औसतन 72 बार धड़कता है। इस हिसाब से हमारा दिल एक दिन में लगभग 1 लाख बार, एक साल में करीब 3.5 करोड़ बार और एक औसत जीवनकाल में 2.5 अरब से भी अधिक बार धड़कता है। इतना ही नहीं, यह रोजाना हमारे शरीर में लगभग 7,500 से 8,000 लीटर रक्त पंप करके शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व पहुंचाता है। जब दिल को रक्त पहुंचाने वाली कोरोनरी धमनियों में वसा या कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है, तो रक्त का प्रवाह बाधित होने लगता है। इस स्थिति में जब दिल की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो सीने में तेज दर्द या बेचैनी महसूस होती है, जिसे मेडिकल भाषा में ‘एंजाइना’ कहा जाता है। यदि यह ब्लॉकेज पूरी तरह से रक्त प्रवाह को रोक देता है, तो हार्ट अटैक की नौबत आ जाती है। हार्ट अटैक के दौरान सीने के बीचों-बीच तेज दबाव, अकड़न या जलन महसूस होती है। यह दर्द धीरे-धीरे बाएं हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैलने लगता है। इसके साथ ही बिना वजह अत्यधिक ठंडा पसीना आना, सांस फूलना, चक्कर आना, घबराहट और उल्टी जैसा महसूस होना इसके प्रमुख लक्षण हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, कार्डियोवैस्कुलर बीमारियां यानी हृदय रोग दुनिया भर में मौतों का सबसे बड़ा कारण बने हुए हैं। हर साल वैश्विक स्तर पर लगभग 1.98 करोड़ लोग हृदय रोगों के कारण अपनी जान गंवाते हैं, जिनमें से करीब 85 प्रतिशत मौतें केवल हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह से होती हैं। भारत की बात करें तो कुल मौतों में से लगभग 27 प्रतिशत मौतों की वजह दिल की बीमारियां ही हैं। चिंताजनक बात यह है कि अब 30 से 45 वर्ष के युवा भी तेजी से हार्ट अटैक की चपेट में आ रहे हैं।

आजकल की बिगड़ती जीवनशैली और खान-पान की गलत आदतें हमारे दिल के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुकी हैं। अत्यधिक प्रोसेस्ड और जंक फूड, रिफाइंड तेल, फास्ट फूड तथा भोजन में नमक और चीनी की अत्यधिक मात्रा धमनियों में खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा देती है। इसके अलावा, घंटों बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधियों की कमी, सिगरेट और तंबाकू का सेवन, अत्यधिक मानसिक तनाव और पूरी नींद न लेना जैसी आदतें रक्त वाहिकाओं को संकरा और सख्त बना देती हैं, जिससे उच्च रक्तचाप और हार्ट अटैक का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

हार्ट अटैक के दौरान पहला एक घंटा गोल्डन आवर माना जाता है, इसलिए लक्षण दिखते ही मरीज को तुरंत निकटतम अस्पताल पहुंचाना चाहिए। यदि मरीज बेहोश हो जाए, तो तुरंत प्राथमिक चिकित्सा के रूप में सीपीआर दिया जाना चाहिए। चिकित्सा विज्ञान में आज दिल के इलाज के लिए कई आधुनिक तकनीकें उपलब्ध हैं। धमनियों के ब्लॉकेज को हटाने के लिए एंजियोप्लास्टी के जरिए स्टेंट डाला जाता है, रक्त के थक्कों को घोलने के लिए दवाएं दी जाती हैं, और गंभीर मामलों में बाईपास सर्जरी करके रक्त प्रवाह का नया रास्ता बनाया जाता है।

दिल की बीमारियों से बचने के लिए अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना बेहद जरूरी है। इसके लिए अपने आहार में हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज और ओमेगा-3 फैटी एसिड को शामिल करें तथा तली-भुनी चीजों से परहेज करें। रोजाना कम से कम 30 मिनट का पैदल चलना या व्यायाम करना, तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान का सहारा लेना, पर्याप्त नींद लेना और धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाना आवश्यक है। इसके साथ ही 30 वर्ष की आयु के बाद नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफाइल की जांच कराते रहना चाहिए ताकि दिल लंबे समय तक सुरक्षित और धड़कता रहे।

डेस्क/माय सर्कल न्यूज
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज

निष्पक्ष और सच खबर~ आपके पास कोई ख़बर हो तो हमारे डेस्क के नम्बर 92140-30782 पर वीडियो, फोटो समेत ख़बर भेज सकते हैं। या हमें मेल करें- mycirclenews@gmail.com यूट्यूब पर सर्च करें- माय सर्कल न्यूज़

Leave a Comment

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर