चित्तौड़गढ़, माय सर्कल न्यूज। गत 23 सितम्बर को निकाली गई आरक्षण लॉटरी में पंचायत समिति राशमी के प्रधान पद को एसटी महिला आरक्षित किया गया था लेकिन पंचायत समिति सदस्यों के लिए एक भी सीट महिला एसटी के लिए आरक्षित नही हुई हैं। मामला राशमी पंचायत समिति के प्रधान पद और पंचायत समिति सदस्य पदों के आरक्षण में हुई विसंगति से जुड़ा हुआ है। राशमी क्षेत्र के गणेशपुरा निवासी देवीलाल भील की ओर से अधिवक्ता नारायण लाल चौधरी ने चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर को एक विधिक लीगल नोटिस प्रेषित कर आरक्षण लॉटरी में संशोधन की मांग की है। गत 23 सितंबर 2026 को जिला चित्तौड़गढ़ में पंचायत समिति सदस्यों और प्रधान पद हेतु आरक्षण लॉटरी निकाली गई थी। इसमें पंचायत समिति राशमी के प्रधान पद को एसटी महिला के लिए आरक्षित किया गया लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इसी पंचायत समिति के सदस्यों के लिए एक भी वार्ड एसटी महिला श्रेणी के लिए आरक्षित नहीं रखा गया है। स्थानीय ग्रामीणों और पक्षकार का कहना है कि जब सदस्य पद पर एसटी महिला का कोई वार्ड ही आरक्षित नहीं है, तो प्रधान पद का चुनाव नियम व विधि अनुसार कैसे संपन्न हो पाएगा? नोटिस में कहा गया है कि केवल इस संभावना के आधार पर चुनाव नहीं कराया जा सकता कि कोई एसटी महिला प्रत्याशी जनरल ओपन या एसटी ओपन वार्ड से जीतकर आ जाएगी। यदि ऐसा नहीं होता है, तो एसटी महिला प्रधान का चयन ही असंभव हो जाएगा और संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया ही विफल हो जाएगी। इसे संवैधानिक अधिकारों का हनन बताते हुए नोटिस में मांग की गई है कि इस आरक्षण लॉटरी को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर विधि अनुसार पुनः आरक्षण लॉटरी आयोजित की जाए। अधिवक्ता नारायण लाल जाट ने कहा कि इस मामले में जोधपुर हाईकोर्ट में रीट दायर की जा रही है।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
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