कपासन। कपासन से एक सकारात्मक खबर सामने आ रही है। रूपाखेड़ी ग्राम पंचायत में ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ के अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना था। समारोह को संबोधित करते हुए नवाचार संस्थान के सचिव अरुण कुमावत ने एक बेहद महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि बेटियों को सपने साकार करने का अवसर मिले, तो वे समाज की कुरीतियों को जड़ से मिटा सकती हैं। कुमावत ने पढ़ाई को हां और शादी को ना के सिद्धांत पर चलने का आह्वान किया, ताकि कम उम्र में शादी और गर्भधारण जैसी समस्याओं से बेटियों को बचाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग की प्रतिनिधि बेनज़ीर अनवर ने बालिकाओं को जीवन के प्रारंभिक 1,000 दिनों के महत्व के बारे में समझाया। उन्होंने विशेष रूप से एनीमिया (खून की कमी) से बचने के लिए बेहतर पोषण पर ध्यान देने की सलाह दी।
संस्थान की कार्यक्रम अधिकारी सुमन दाधीच ने सामाजिक और जेंडर आधारित भेदभाव पर प्रहार किया। उन्होंने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा हमें अपनी शिक्षा पूरी करनी है, अपनी भोजन की थाली को रंग-बिरंगा (पौष्टिक) रखना है और हमेशा खुश रहना है। शिक्षा विभाग से वर्दीचंद खटीक ने बेटियों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाएँ जैसे ट्रेवल वाउचर (आवागमन की सुविधा), निःशुल्क साइकिल वितरण, काली बाई भील स्कॉलरशिप योजना आदि की जानकारी दी। उन्होंने कहा जब एक लड़की पढ़ती है, तो दो परिवारों का भविष्य सुधरता है। इस अवसर पर शिशु देखभाल और सामुदायिक सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले योद्धाओं सन्तोष चारण, सुलोचना कच्छावा, कृष्णा वैष्णव, पूजा कंवर, सुमन बारेगामा, टीना कंजर एवं दुर्गा भील को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व उप सरपंच भगवत सिंह चारण सहित शिक्षा और बाल विकास विभाग के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इस आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि बेटियों की प्रगति में ही समाज की प्रगति छिपी है।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
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