चित्तौड़गढ़, (सलमान)। राजस्थान का चित्तौड़गढ़ जिला अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है, लेकिन अब यहाँ के किसान कृषि के क्षेत्र में एक नई इबारत लिख रहे हैं। पारंपरिक फसलों के मोह को छोड़कर अब यहाँ के अन्नदाता एग्जोटिक वेजिटेबल्स यानी विदेशी सब्जियों की ओर रुख कर रहे हैं। मेवाड़ की धरती अब केवल गेहूं और मक्का तक सीमित नहीं है। चित्तौड़गढ़ के प्रगतिशील किसान अब बाजार की मांग को समझते हुए आधुनिक खेती को अपना रहे हैं। जिले के कई गांवों में किसान अब फूलगोभी की जगह ब्रोकली उगा रहे हैं। ब्रोकली, जिसे सुपरफूड माना जाता है, न केवल खेतों की रौनक बढ़ा रही है, बल्कि किसानों की जेब भी भर रही है। पहले हम वही पुरानी फसलें बोते थे जिसमें लागत ज्यादा और मुनाफा कम था। अब ब्रोकली लगाकर हमें प्रति किलो 40 से 80 रुपये तक का भाव मिल रहा है। इसकी खेती में मेहनत कम है और कमाई पारंपरिक फसलों से दोगुनी है। चित्तौड़गढ़ जिले में करीब 50 किसान 25 हेक्टेयर जमीन पर ब्रोकली की खेती कर रहे हैं। ब्रोकली की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे इसका स्वास्थ्यवर्धक होना है। विटामिन-सी, फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण फिट रहने वाले लोग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बना रहे हैं। यह कैंसर और दिल की बीमारियों से लड़ने में भी मददगार मानी जाती है। ब्रोकली पोषक तत्वों का खजाना हैं इसमें विटामिन-ए, सी और के की प्रचुरता भरी हुई है। हृदय के लिए भी लाभकारी मानी जाती है। यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में सहायक है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। हालांकि, चित्तौड़गढ़ में स्थानीय स्तर पर इसकी खपत अभी कम है, लेकिन किसानों ने इसका रास्ता भी निकाल लिया है। यहाँ की ब्रोकली अब उदयपुर और जयपुर जैसे बड़े शहरों के होटलों और मॉल की शोभा बढ़ा रही है। मांग इतनी है कि व्यापारियों को खेतों तक आना पड़ रहा है।
चित्तौड़गढ़ के किसानों का यह नवाचार न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहा है, बल्कि अन्य युवाओं को भी खेती की ओर प्रेरित कर रहा है।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
निष्पक्ष और सच खबर~ आपके पास कोई ख़बर हो तो हमारे डेस्क के नम्बर 92140-30782 पर वीडियो, फोटो समेत ख़बर भेज सकते हैं। या हमें मेल करें- mycirclenews@gmail.com यूट्यूब पर सर्च करें- माय सर्कल न्यूज़