चित्तौड़गढ़। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर व संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित उत्तराधिकार गुरू शिष्य परम्परा योजना के अन्तर्गत तुर्राकलगी कार्यशाला प्रशिक्षण का स्थानीय देवरी ग्राम केन्द्र पर उद्घाटन हुआ।
अखाड़ा कलगी घोसुण्डा मैनेजर लक्ष्मीनारायण रावल ने बताया कि उद्घाटन अवसर पर प्रिंसीपल मीनाक्षी वर्मा, मंजु काकानी, उप प्रधानाचार्या चन्दा सालवी, व्याख्याता आशीष जोशी, अंकिता जैन, जाहवियत बोरा, वन्दना मित्तल, आरती मीना, गणपत खटीक, मंजु व्यास, विद्या शर्मा, आरती वर्मा, गोपाल जागेटिया, व्यवस्थापक संदीप आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वन्दना मित्तल ने किया। आभार मिनाक्षी वर्मा ने जताया।
इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि लुप्त होती लोककलाओं के प्रोत्साहन को लेकर आयोजित ऐसी कार्यशालाओं से बच्चों व युवाओं में जागरूकता बढ़ेगी और लोक कलाकारों को संबल मिलेगा।
लक्ष्मीनारायण रावल ने बताया कि यह कार्यशाला 31 मार्च, 2025 तक चलेगी जिसमें सांस्कृतिक केन्द्र के निर्देशानुसार 12 बच्चों को तुर्राकलगी शैली में गायन, नृत्य, नाटक, वादन, अभिनय सिखाया जायेगा। सहायक उस्ताद मिर्जा अकबर बेग कागजी घोसुण्डा सहित 15 से 25 वर्ष के बालक, बालिका शिष्य भाग ले रहे हैं।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
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