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March 27, 2026 1:34 am

बड़ीसादड़ी नगर पालिका में फर्जी पट्टा गिरोह सक्रिय, ईओ के फर्जी हस्ताक्षर से जारी किया पट्टा, पुलिस को शिकायत

चित्तौड़गढ़। कई बार अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर करने और जालसाजी करने के मामले सामने आते है, लेकिन प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री गौतम दक के गृह क्षेत्र मेंं बड़ीसादड़ी नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर से पट्‌टा जारी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में अधिशाषी अधिकारी ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दी है लेकिन मामला गंभीर होने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं कर प्रकरण को परिवाद में रखा है। इधर जानकारी है कि बड़ीसादड़ी नगर पालिका क्षेत्र में ऐसे दर्जनों पट्‌टे जारी हुए है। अब नगर पालिका की एक कमेटी भी दस्तावेजों की जांच में जुटी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बड़ीसादड़ी नगरपालिका क्षेत्र में रहने वाले गोविन्द राम भोई के नाम पर एक हस्तान्तरण प्रमाण पत्र और उसके आधार पर इन्दिरा कॉलोनी वार्ड नं. 5 में स्थित 400 वर्गफीट भूखंड का पट्टा जारी किया गया। जिस पर बड़ीसादड़ी नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी मुकेश मोहिल के हस्ताक्षर है। मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर फर्जी पट्‌टे जारी होने की जानकारी वायरल हुई तो अधिशाषी अधिकारी मुकेश मोहिल ने नगर पालिका के दस्तावेजों को खंगाला। जांच में सामने आया कि इस दस्तावेज पर हुए हस्ताक्षर फर्जी है। बड़ी बात यह हुई कि फर्जी हस्ताक्षर से जारी हुए पट्‌टे की तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री भी हो गई। अब इस मामले में अधिशषी अधिकारी मुकेश मोहिल ने थानाधिकारी को लिखित शिकायत दी है। जिसकी प्रतिलिपी पुलिस उपाधीक्षक को भी सौंपी गई है। इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय परिवाद पंजीबद्ध किया है और पुलिस परिवाद के आधार पर जांच करने का दावा कर रही है। इस पूरे मामले में जानकारी मिली है कि नगर पालिका बड़ीसादड़ी के और भी कई पट्टे फर्जी तरीके से जारी हुए है। इस संबंध में शिकायतकर्ता और ज्ञापन देने वाले सामाजिक कार्यकर्ता विनोद रांका का कहना है कि यह एक दस्तावेज का मामला नहीं है बल्कि पूरा गिरोह सक्रिय है। जो सैकड़ों दस्तावेज बना चुका है और कई फर्जी पट्‌टे जारी कर चुके है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मामले की जांच तीन दिन में नहीं की गई तो वे धरना प्रदर्शन करेंगे।
बड़ीसादड़ी नगर पालिका क्षेत्र में अधिशाषी अधिकारी के फर्जी साइन और सीलें बनाकर फर्जी पट्‌टा जारी करने के मामले में अधिशाषी अिधकारी द्वारा रिपोर्ट दिये जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं होने पर भी बड़े सवाल खड़े हाे रहे है। पूरा मामला प्रदेश के सहकारिता मंत्री गौतम दक के गृह क्षेत्र से जुड़ा है। अब इस मामले में विपक्ष भी हमलावर है। पूर्व पालिकाध्यक्ष दिलीप चौधरी ने कहा कि अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होना विचारनीय बिन्दू है। मंत्रीजी को स्वयं इस मामले में खुद आगे आकर कार्यवाही करवानी चाहिए।

●रिकॉर्ड की जांच पर ही फर्जी वाड़े का खुलेगा सच
इस मामले में नगरपालिका की एक कमेटी बनाई गई है जो पूरे मामले की जांच में जुटी है। दरअसल हस्तान्तरण, भू उपयोग परिवर्तन जैसे कई कार्य है जिनसे नगरपालिका को आय होती है और रसीद जारी होती है। इन रूपयों का खर्च विकास कार्य में होता है। बड़ी बात यह है कि पालिका के अधिकारी जो भूमि नियमन, पट्‌टा जारी करने, खाद्य सुरक्षा का पंजीयन करने सहित शहरी योजनाओं के क्रियान्वयन के जिम्मेदार है। उनके फर्जी हस्ताक्षर होने के बावजूद उनकी रिपोर्ट पर भी एफआईआर नहीं होना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। इस बात को भी बल मिलता है कि भ्रष्टाचार व्यापक स्तर पर है और जांच में कई लोगोें तक आंच आ सकती है।

◆इनका कहना हें कि-
फर्जी पट्‌टा जारी होने के मामले में पुलिस को शिकायत की गई है। अभी और भी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। हो सकता है कि कई फर्जी दस्तावेज बनाये गये हो। इसके लिए जांच कमेटी बनाई गई है जो रिकॉर्ड की जांच करेगी
-मुकेश मोहिल, अधिशाषी अधिकारी, बड़ीसादड़ी

डेस्क/माय सर्कल न्यूज
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज

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