चित्तौड़गढ़। जिले के राशमी थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया हैं जहाँ ग्रामवासियों ने पुलिस प्रशासन और स्थानीय राजनीति के रसूखदारों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला रेवाड़ा ग्राम पंचायत के प्रशासक रतनलाल जाट के परिवार से जुड़ा है, जिनका दावा है कि चुनावी रंजिश के चलते उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है।
चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में ग्राम रेवाड़ा निवासी श्रीमती ईशा जाट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ईशा जाट का आरोप है कि उनके पति रतनलाल जाट, जो वर्तमान में रेवाड़ा ग्राम पंचायत के प्रशासक हैं और उन्हें राजनीतिक द्वेषता के चलते निशाना बनाया जा रहा है। सरपंच की पत्नी ईशा जाट का कहना है कि साल 2023 की किसी पुरानी और मनगढ़ंत कहानी के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप लगाया कि राशमी पुलिस थाना के एएसआई गोपाल लाल ने बिना किसी सर्च वारंट के घर में घुसकर तलाशी ली और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार व मारपीट की। ईशा जाट ने सीधे तौर पर कपासन विधायक पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 2023 के चुनाव में उनके पति ने निर्दलीय प्रत्याशी का समर्थन किया था, जिसके चलते राजनैतिक द्वेषता रखते हैं और इस मामले में भी झूठे मुदकमा दर्ज करवाया गया। इधर राशमी थानाधिकारी रतन सिंह ने बताया कि रतन लाल जाट पर ग्राम पंचायत क्षेत्र में विलायती बबूल काटने और उसका पैसा सीधे अपने खाते में लेकर सरकारी कोष में जमा नही कराने को लेकर मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ग्राम पंचायत प्रशासक रतन लाल जाट को अमानत में खयानत, चोरी और आपराधिक साजिश के इस मामले में गिरफ्तार करने रेवाड़ा पहुंची जहां आरोपी ने पुलिस टीम के साथ जाने से मना कर दिया और आरोपी की पत्नी ने शोर मचाने से बड़ी संख्या में मौके पर लोग एकत्र हो गए। पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की कर आरोपी प्रशासक रतन लाल जाट को छुड़ाकर पीछे के रस्ते से भगाने के आरोप में पुलिस ने राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज किया हैं। इधर इस मामले में रेवाड़ा के ग्रामीण आज जिला मुख्यालय पर पहुंचे और पुलिस द्वारा उनके परिजनों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करने का आरोप लगाया हैं। इस मामले में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और जिला कलक्टर व जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा हैं। इस मामले में अब प्रार्थीया और ग्रामीणों की मांग है कि इस पूरे मामले की विभागीय जांच हो और अनुसंधान अधिकारी को बदला जाए। उनकी मांग है कि कपासन विधानसभा क्षेत्र से बाहर के किसी डीवाईएसपी या एडिशनल एसपी के अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। इस घटना से जुड़े सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
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