
चित्तौड़गढ़। बड़ीसादड़ी नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर और सील लगाकर पट्टा जारी करने के मामले में ‘माय सर्कल न्यूज’ वेब पोर्टल पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। प्रदेश के सहकारिता मंत्री गौतम दक के गृह क्षेत्र में फर्जी तरीके से पट्टा प्राप्त करने वाले गोविन्द राम भोई के विरूद्ध बड़ीसादड़ी थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। अब पुलिस ने इस मामले में जांच शुरु कर दी है। मामले में मिली जानकारी के अनुसार करीब 5 दिन पहले सोशल मीडिया के जरिये गोविन्द राम पुत्र नाथुलाल भोई के नाम से फर्जी हस्तान्तरण और पट्टा जारी होने की जानकारी नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी मुकेश मोहिल को मिली थी। इस मामले में अधिशाषी अधिकारी ने जांच की तो इसके संबंध में कोई भी दस्तावेज एवं जमा राशि की रसीद नगर पालिका में नहीं मिली। इसे लेकर अधिशाषी अधिकारी ने थानाधिकारी को शिकायत भेजकर एफआईआर के लिए लिखा। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के स्थान पर परिवाद दर्ज कर लिया, लेकिन माय सर्कल न्यूज वेब पोर्टल पर समाचार प्रसारित होने के बाद अधिशाषी अधिकारी की रिपोर्ट पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4), 388, 336, 340 के अंतर्गत बड़ीसादड़ी थाने में एफआईआर दर्ज कर ली है एवं जांच सहायक उपनिरीक्षक मानिक चंद के जिम्मे सौंपी गई है। एफआईआर में अधिशाषी अधिकारी ने बताया कि मेरे हस्ताक्षर से हस्तान्तरण पत्र क्रमांक 441 एवं 69ए का पट्टा विलेख जिसका तहसील कार्यालय में पंजीयन हो चुका है। उसे कार्यालय में सर्च करवा दिया है, लेकिन इसका केश बुक का भी मिलान करने पर यह फर्जी पाया गया है। सहकारिता मंत्री के नजदीकी पट्टाधारी जानकारी में सामने आया है कि जिस व्यक्ति के नाम बड़ीसादड़ी में पट्टा जारी हुआ है। वह गोविन्द राम भोई सहकारिता मंत्री गौतम दक का नजदीकी बताया जाता है। सोशल मीडिया पर भी मंत्री के साथ उनके कई फोटोग्राफ सामने आए है। पट्टा जारी होने के मामले में मजेदार
बात यह है कि पंजीयन कार्यालय में इन पट्टों का पंजीयन तक हो गया। इधर सूत्र बताते है कि नगर पालिका क्षेत्र में कुछ कॉलोनियों तक के फर्जी पट्टे जारी हो गए है। बहरहाल पूरे मामले की जांच के बाद ही खुलासा हो पायेगा। जानकारी के अनुसार अधिशाषी अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर पट्टा और हस्तान्तरण पत्र जारी करने के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद जानकारी सूत्र बताते है कि नगर पालिका के ओर भी दस्तावेज फर्जी निकल सकते है। ऐसे कई मामले और भी सामने आ सकते है। इधर अधिशाषी अधिकारी मुकेश मोहिल द्वारा पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। गौरतलब है कि बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज जारी करने के मामले में सामाजिक कार्यकर्ता विनोद रांका ने बड़े गिरोह के होने की आशंका जताई थी और जांच की मांग की थी।

Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
निष्पक्ष और सच खबर~ आपके पास कोई ख़बर हो तो हमारे डेस्क के नम्बर 92140-30782 पर वीडियो, फोटो समेत ख़बर भेज सकते हैं। या हमें मेल करें- mycirclenews@gmail.com यूट्यूब पर सर्च करें- माय सर्कल न्यूज़