बेगूं। महान पार्श्व गायक एवं नॉ बार फिल्मफेयर अवार्ड तथा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित गायक मुकेश की 49वीं पुण्यतिथि पर सरगम कला संस्थान बेगूं की ओर से 27 अगस्त बुधवार को संगीतमय संध्या “एक शाम मुकेश के नाम” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने मुकेश के सदाबहार गीतों को प्रस्तुत कर उन्हें संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की। मंच पर प्रस्तुत गीतों में उनके जीवन और गायकी की झलक दिखाई दी। कार्यक्रम में संस्थान के कलाकारों ने “कभी कभी मेरे दिल में”, “जीना यहां मरना यहां”, “दोस्त दोस्त ना रहा” जैसे अमर गीतों की प्रस्तुति दी गई।
यह कलाकार दी गीतों की प्रस्तुतियां
एक शाम मुकेश की याद कार्यक्रम में बेगूं में कई कलाकार गीतों की प्रस्तुतियां दी गई।
किशोर सिन्धी – कही दूर जब दिन ढल जायें शाम की दुल्हन।
कैलाश पेन्टर – महबूब मेरे तू है तो दुनियां कितनी हंसी है।
संदीप राईवाल – जाने चले जाते है कहाँ दुनिया से जाने वाले।

परीक्षित बोलू – एक प्यार का नगमा है. जिन्दगी और कुछ भी।
रमेश झवर – रुक जा ओ जाने वाली रुक जा।
भरत टेलर – तारों में सजके अपने सूरज से।
अशोक प्रजापत – खुशी की वो रात आ गई कोई गीत।
राफ्फार खान – किसी की मुस्कराहट में होनिसार।
रईश (भाया) – संसार है एक नदिया सुख-दुख दो सिकार।
तुलसी सखी – दिवानों से थे मन पूछो दिवानो ये क्या
मुमताज खान – सावन का महिना पवन करें शोर
रफीक खान – तौबा ये मत वाली चाल
कार्यक्रम को लेकर संगीता प्रेमियों मे भी खासा उत्साह नजर आया है। अपनी सुरीली आवाजों से कार्यक्रम को सफल बनायम
