भीलवाड़ा। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विस टैक्स इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) जयपुर ने गुरूवार भाजपा नेता लक्ष्मीनारायण डाड के बिजनेसमैन बेटे निखिल डाड सहित कई ठिकानों पर रेड डाली। इनमें एक केमिकल व्यवसायी व कुछ प्रोसेस हाउस भी शामिल बताए गए हैं। यह कार्रवाई फर्जी बिलों के जरिये करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी से जुड़ी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार डीजीजीआई जयपुर जोन की टीमों ने आज सुबह एक साथ कार्रवाई की। टीम भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व यूआईटी के पूर्व चेयरमैन लक्ष्मीनारायण डाड के न्यू हाउसिंग बोर्ड शास्त्रीनगर स्थित घर पहुंची। वहां बताया गया कि निखिल कुमुद विहार के फ्लेट में रहता है, तब टीम निखिल के छोटे भाई को लेकर कुमुद विहार पहुंची। यहीं निखिल का ऑफिस भी है। टीम यहां विभिन्न दस्तावेजों की जांच कर रही है। स्टाफ से पूछताछ भी की जा रही। निखिल का टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज में केमिकल और कोयला सप्लाई का बिजनेस है। इसके साथ वह प्रॉपर्टी और फाइनेंस के काम से भी जुड़ा हुआ है। निखिल के दोस्त और बिजनेस पार्टनर अनुज सोमानी के यहां भी टीमें सर्च कर रही हैं। डीजीजीआई की छह टीमें, जिनमें 25 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं, निखिल के कुमुद विहार स्थित फ्लैट, ऑफिस, और अन्य ठिकानों पर दस्तावेजों, डिजिटल डेटा, लैपटॉप, और पेन ड्राइव की जांच कर रही हैं। टीम ने निखिल के स्टाफ से भी गहन पूछताछ की। छापेमारी के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया, और सभी ठिकानों के गेट बंद कर दिए गए। यह कार्रवाई भीलवाड़ा के कारोबारी जगत में चर्चा का विषय बन गई है। सूत्रों का कहना है कि निखिल का कारोबार कई बड़े नामों से जुड़ा हो सकता है, और जांच में और भी खुलासे हो सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, निखिल शहर की कपड़ा यूनिट्स को बड़े पैमाने पर केमिकल और कोयला सप्लाई करता है। डीजीजीआई को पुख्ता सूचना मिली थी कि निखिल ने फर्जी इनवॉइस और गुप्त लेनदेन के जरिए करीब 10 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की है। जांच में यह भी सामने आया कि निखिल का कारोबार जयपुर की महावीर ट्रेडिंग कंपनी से जुड़ा हो सकता है, जिस पर पहले 706 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का मामला दर्ज हो चुका है।
बिजनेस पार्टनर पर भी नजर, केमिकल और कोयला वाले भी राडार पर
जांच के दौरान डीजीजीआई ने निखिल के दोस्त और बिजनेस पार्टनर अनुज सोमानी के ठिकानों पर भी तलाशी शुरू की। इसमें चित्तौड़ रोड पर केमिकल फैक्ट्री माहेश्वरी कैमिकल्स भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार, अनुज के कारोबारी लेनदेन में भी अनियमितताओं की आशंका है, जिसके चलते उनकी प्रॉपर्टी और ऑफिस को भी जांच के दायरे में लाया गया है। डीजीजीआई की डाड, सोमाणी के यहां रेड के बाद कपड़ा मंडी में उन विभिन्न इकाइयों में खलबली मची है, जो केमिकल और कोयला की खरीद इनसे करते हैं। डीजीजीआई के राडार पर ऐसे प्रोसेस हाउस भी बताए जा रहे हैं।
निखिल डाड का कारोबार टेक्सटाइल से प्रॉपर्टी तक
निखिल डाड का टेक्सटाइल उद्योग में केमिकल और कोयला सप्लाई का व्यवसाय है। इसके अलावा, वह प्रॉपर्टी और फाइनेंस से जुड़े कारोबार में भी सक्रिय हैं। डीजीजीआई को सूचना मिली थी कि निखिल के व्यवसाय में जीएसटी नियमों का उल्लंघन कर टैक्स चोरी की गई है। इस जानकारी के आधार पर जयपुर से आई डीजीजीआई की टीम ने निखिल के कुमुद विहार स्थित फ्लैट, ऑफिस, टीको औद्योगिक क्षेत्र, और चित्तौड़गढ़ में उनकी प्रोसेसिंग यूनिट पर एक साथ जांच शुरू की।
◆पूर्व मंत्री के समधी के यहां भी हुई थी रेड
इससे पहले करीब 6 दिन पहले भीलवाड़ा में रत्नाकर ग्रुप के मालिक के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई थी। कंपनी के मालिक शंकर लाल जाट कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री रामलाल जाट के समधी हैं। उनके यहां 30 करोड़ की जीएसटी चोरी को लेकर कार्रवाई हुई थी।


Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
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