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December 6, 2025 6:41 am

किसान हित में अफीम नीति घोषित, बेगूं में किसानों ने आतिशबाजी कर मनाई खुशी

बेगूं। वर्ष 2025-26 की अफीम नीति समय से पूर्व एवं पूरी तरह किसान हित में घोषित होने पर बेगूं क्षेत्र के किसानों में हर्ष की लहर दौड़ गई। किसानों ने प्रदेश अध्यक्ष सुभाष धाकड़ के नेतृत्व में पुराने बस स्टैंड पर आतिशबाजी कर एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की।
इस दौरान सैकड़ों किसानों एवं कार्यकर्ताओं ने सांसद सी.पी. जोशी के समर्थन में जमकर नारे लगाए और किसान हित में नीति बनवाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। किसानों ने कहा कि समय पर घोषित यह नीति उनकी मांगों के अनुरूप है और इससे उन्हें बड़ा राहत लाभ मिलेगा।
इस दौरान अखिल भारतीय महासभा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष धाकड़, राष्ट्रीय महामंत्री लामचंद धाकड़, प्रदेश प्रवक्ता शिवलाल धाकड़, देश पंचायत अध्यक्ष छगनलाल धाकड़, प्रदेश महामंत्री विनोद धाकड़, शोभा लाल धाकड़,प्रभु लाल धाकड़,जमना लाल धाकड़, राजू पारासर सहित अन्य किसान मौजूद रहे।


नई नीति में किसानों की पात्रता के लिए स्पष्ट मानदंड तय किए गए हैं।
2024-25 में जिन किसानों की फसल में मार्फिन की मात्रा 4.2 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर या अधिक रही है, उन्हें लेसिंग पद्धति से अफीम गोंद का लाइसेंस दिया जाएगा। इसके साथ ही 900 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर या अधिक पोस्त भूसा उत्पादन करने वाले काश्तकार भी लाइसेंस के पात्र होंगे।
नारकोटिक्स विभाग की निगरानी में पिछले तीन वर्षों (2022-23, 2023-24 और 2024-25) में हंकाई की गई फसलों के किसानों को भी योजना में शामिल किया जाएगा। सीपीएस पद्धति के अंतर्गत 2024-25 में 800 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर या अधिक पोस्त भूसा उत्पादन करने वाले किसानों को अगले वर्ष तक होल्ड पर रखा गया है।
2023-24 में 675 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से कम उपज के कारण होल्ड किए गए लाइसेंस वाले किसानों को इस वर्ष पात्र माना गया है। चीरा पद्धति से खेती करने वाले किसान जिनकी औसत उपज 3 से 4.2 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर के बीच है, वे सीपीएस पद्धति के लिए योग्य होंगे।

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