राजसमन्द, (गौतम शर्मा)। जिले में शारदीय नवरात्रि प्रारम्भ हो चुकी है। भगतगण मैया की आराधना में जुट गए है। मंदिरों में हवन अनुष्ठान के साथ मैया की पूजा अर्चना शुरू कर दी गई है। राजसमन्द सनवाड़ की पहाड़ियों पर बिराजित माँ भवानी की तस्वीर मंदिर के पुजारी पन्नालाल कुमावत ने बताया कि मां भवानी का मंदिर करीब 800 साल पुराना है। यहां पहले मेर वंशज के कुलदेवी के रूप में पूजा करते थे लेकिन लंबे समय से कुमावत समाज के लोग पूजा अर्चना कर रहे हैं और इस मंदिर पर एक किलोमीटर की गुफा है। यहां जंगली जीव जंतुओं का आना-जाना बना रहता है इस कारण एक तरफ से गुफा को बंद किया गया है और मां का पाठ स्थल आगे की तरफ बना दिया है।

नवरात्रि पर विशेष पूजा अर्चना की जाती हैं और विशेष कर इस मंदिर पर युवा अपनी टीम बनाते हुए चंदा एकत्रित कर मंदिर का विकास कार्य करवाते हैं। इस मंदिर पर नवरात्रि के समय श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहती हैं। हर दिन अलग अलग मैया को श्रंगार धराया जाता है। यहाँ नवरात्रि पर 9 कन्या को देवी के रूप में पूजा कर भोजन के साथ शुभारम्भ किया जाता। आसपास क्षेत्र के लोग मंदिर स्थल पर पहुंचते हैं और मैया के दर्शन कर एक सुखद अनुभूति महसूस करते हैं। वहीं मां भवानी विभिन्न रोगों से लोगों को निजात दिलाती हैं। यहां एक भव्य त्रिशूल भी है जिसका बड़ा चमत्कार है। यह मंदिर हाईवे के किनारे स्थित पहाड़ी पर बना हैं, एक तरफ अन्नपूर्णा माताजी का मंदिर तो दूसरी तरफ मां भवानी का मंदिर स्थित है। नवरात्रि पर विशेष पूजा अर्चना की जाती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं और अपनी मन्नत पूरी करते हैं। बताया कि मां भवानी का मंदिर आस्था का केंद्र है हर भक्तों की मन्नत पूरी होती है। वही मंदिर के चारों ओर हरे-भरे पेड़ पौधे हैं जिसे यह काफी सौंदर्य दर्शनीय स्थल हैं जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। यहां सप्ताह में हर रविवार को विशेष पूजा अर्चना एवं आरती की जाती है।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
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