भीलवाड़ा। भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को भीलवाड़ा में एक बड़ी सफलता हासिल की। एसीबी की टीम ने समग्र शिक्षा कार्यालय से जुड़े दो अभियंताओं को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में सहायक अभियंता (एईएन) राजकुमार मून्दडा और कनिष्ठ अभियंता (संविदाकर्मी) भारत भूषण गोयल शामिल हैं। दोनों पर आरोप है कि इन्होंने स्कूल भवनों के निर्माण कार्यों के बिल पास करने के एवज में ठेकेदार से मोटी रकम की मांग की थी।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि समग्र शिक्षा परियोजना के अंतर्गत करवाए गए निर्माण कार्यों के करीब 19 लाख रुपये के बिल पास करने के लिए अभियंता रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि 40 हजार रुपये की घूस की मांग की गई थी। एसीबी ने इस शिकायत का सत्यापन कराया।
सत्यापन के दौरान परिवादी की मुलाकात एईएन राजकुमार मून्दडा से हुई। उसने परिवादी को कनिष्ठ अभियंता भारत भूषण गोयल से बात करने को कहा। जब परिवादी गोयल से मिला तो उसने साफ शब्दों में कहा कि बिल पास कराने के लिए तीन प्रतिशत कमीशन देना होगा। इस हिसाब से करीब 48 हजार रुपये और पिछले कार्यों का कमीशन जोड़कर कुल 50 हजार रुपये मांगे गए। गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि 2 प्रतिशत रकम मून्दडा को और 1 प्रतिशत रकम वह खुद रखेगा।
24 सितम्बर की सुबह जैसे ही परिवादी ने तय रकम गोयल को सौंपी, एसीबी टीम हरकत में आ गई। गोयल ने रकम जेब में रखते ही मून्दडा को फोन कर जानकारी दी। उसी समय एसीबी टीम ने दोनों को दबोच लिया। गोयल की पैंट की जेब से 50 हजार रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई, जिसमें 30 हजार रुपये असली नोट और 20 हजार रुपये डमी नोट थे।
कार्रवाई अजमेर रेंज के उप महानिरीक्षक अनिल कयाल के सुपरविजन में की गई। एसीबी भीलवाड़ा-प्रथम के उप अधीक्षक पारसमल ने टीम का नेतृत्व किया। दोनों अभियंताओं को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि रिश्वतखोरी का यह खेल शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा है। समग्र शिक्षा अभियान का उद्देश्य बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन जब इस अभियान में ही भ्रष्टाचार की जड़ें फैल जाएं तो आमजन का विश्वास टूटता है। स्कूलों के निर्माण कार्यों के लिए जारी बजट से ही यदि रिश्वतखोरी होगी तो गुणवत्तापूर्ण भवन और सुविधाओं की उम्मीद करना बेमानी हो जाएगा।
पिछले कुछ महीनों में एसीबी ने राजस्थान के विभिन्न जिलों में कई बड़ी कार्रवाई की है। खासकर सरकारी परियोजनाओं और शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर ब्यूरो लगातार सख्त कदम उठा रहा है। भीलवाड़ा की यह कार्रवाई इसी अभियान की कड़ी मानी जा रही है।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की गहन जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की संपत्तियों और पुराने कार्यों की भी जांच की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि रिश्वतखोरी का यह खेल कब से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन शामिल है।
एसीबी की इस कार्रवाई के बाद शहर में चर्चा का विषय बन गया है। लोगों ने कहा कि शिक्षा जैसी पवित्र व्यवस्था में भ्रष्टाचार असहनीय है। वहीं, सरकारी विभागों में काम कराने वाले आमजनों में इस कार्रवाई से संतोष की लहर देखी गई। दूसरी ओर, विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। कई अधिकारी अब सतर्क हो गए हैं कि कहीं उनके खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई न हो जाए।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
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