चित्तौड़गढ़, (सलमान)। राजस्थान में एक तरफ सरकार अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ चित्तौड़गढ़ के कपासन विधानसभा क्षेत्र की बनास नदी से जो तस्वीरें आ रही हैं, वे कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। कपासन विधानसभा क्षेत्र के राशमी पुल के नीचे बहती बनास नदी आज माफियाओं की चारागाह बन चुकी है। यहाँ दिन के उजाले में और रात के अंधेरे में खुलेआम अवैध बजरी खनन का खेल चल रहा है। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि यह पूरा काला कारोबार स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में फल-फूल रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव ललित बोरीवाल ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि के संरक्षण में अवैध बजरी खनन का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा हैं। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि खनन विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन को अवैध बजरी खनन की जानकारी होने के बावजूद प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है।
बजरी माफिया बनास नदी में हेवी मशीनों से दिन रात अवैध बजरी खनन कर सरकार को लाखों रुपए का राजस्व हानि पहुँचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बजरी माफिया बनास नदी में हेवी मशीनों से दिन रात अवैध बजरी खनन कर सरकार को लाखों रुपए का राजस्व हानि पहुँचा रहे हैं।
क्षेत्र में उन्हीं सड़कों को चौड़ा किया गया जहां से दिन रात बजरी के डम्पर इन सड़कों से जोते हुए आसानी से दूसरे जिलों में पहुँच सके। बाकी कपासन विधानसभा क्षेत्र की ग्रामीण क्षेत्र की कई सड़के खस्ताहाल हैं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में उन्हीं सड़कों को चौड़ा किया गया जहां से दिन रात बजरी के डम्पर इन सड़कों से जोते हुए आसानी से दूसरे जिलों में पहुँच सके। बाकी कपासन विधानसभा क्षेत्र की ग्रामीण क्षेत्र की कई सड़के खस्ताहाल हैं। इन सड़कों पर कई सालों से डामरीकरण और ना ही पेचवर्क हुआ हैं। उन्होंने कहा कि अवैध बजरी खनन पर प्रशासन शीघ्र लगाम लगाएं नही तो आंदोलन पर उतरेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान छेड़ा है, लेकिन कपासन में माफिया इस अभियान को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं। नदी का अस्तित्व खतरे में है और कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
निष्पक्ष और सच खबर~ आपके पास कोई ख़बर हो तो हमारे डेस्क के नम्बर 92140-30782 पर वीडियो, फोटो समेत ख़बर भेज सकते हैं। या हमें मेल करें- mycirclenews@gmail.com यूट्यूब पर सर्च करें- माय सर्कल न्यूज़