चित्तौड़गढ़। विश्व विख्यात दुर्ग की नगरी और शक्ति व भक्ति के केंद्र चित्तौड़गढ़ में इन दिनों नगर परिषद और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। शहर के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील इलाकों में शुमार जिला कलेक्ट्रेट के आस-पास अतिक्रमण के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। विडंबना यह है कि जिस मार्ग से जिले के आला अधिकारी गुजरते हैं, वहीं नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और अधिकारी अतिक्रमण पर आँखे मूंदे हुए हैं।
● खानापूर्ति साबित हुई हालिया कार्रवाई
पिछले दिनों नगर परिषद ने कलेक्ट्रेट और पंचायत समिति के बाहर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। भारी शोर-शराबे के बीच चले पीले पंजे की कार्रवाई महज एक खानापूर्ति बनकर रह गई है। कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद हालात फिर जस के तस हो गए हैं। पंचायत समिति के बाहर कुछ दुकानदारों ने एक बार फिर नालों को ढंककर उन पर टाइल्स लगा दी हैं और कहीं-कहीं तो आरसीसी का पक्का निर्माण कर सड़क को संकरा कर दिया है। यहां कई वाहनों का जमावड़ा लगा रहने से यातायात बुरी तरह से प्रभावित हो रहा हैं। कुछ दुकानदार तो अपनी दुकान के नाम के बोर्ड रास्ते में खड़े करने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं। इसी रास्ते पर लगे हाथ ठेलों ने ओर परेशानियां बढ़ा दी हैं।
● शास्त्री नगर, जिला अस्पताल और स्टेडियम के बाहर भी बेहाल
अतिक्रमण की यह बीमारी केवल पंचायत समिति तक सीमित नहीं है। जिला अस्पताल के बाहर, शास्त्री नगर चौराहा और इंदिरा गांधी स्टेडियम के बाहर भी बेतरतीब तरीके से अतिक्रमण बढ़ रहा है। कुछ दुकानदारों ने अपने प्रचार बोर्ड आधी सड़क तक लगा दिए हैं, जिससे पैदल चलने वालों और वाहन चालकों के लिए जगह ही नहीं बचती।
● यातायात के लिए बनी मुसीबत
पंचायत समिति के बाहरसड़क सीमा में बेतरतीब खड़े वाहन और कुछ दुकानों के बाहर फैला सामान आए दिन जाम का कारण बन रहा है। विशेष रूप से पंचायत समिति के बाहर भी यही स्थिति है, जहां आमजन, वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।
● पंचायत समिति में प्रशासक नियुक्त फिर भी अतिक्रमण पर ठोस कार्यवाही नही
वर्तमान में एसडीएम को पंचायत समिति का प्रशासक नियुक्त किया गया है, लेकिन पंचायत समिति के बाहर हो रहे कुछ दुकानदारों ने रास्ते में अतिक्रमण कर रखे हैं उन पर ठोस कार्रवाई के नाम पर धरातल पर कुछ नजर नहीं आ रहा। इधर नगर परिषद की अतिक्रमण पर ढीली कार्यशैली से अतिक्रमियों के हौसले बुलन्द हैं। वर्ल्ड हेरिटेज साइट होने के कारण यहाँ देश-विदेश से हजारों पर्यटक आते हैं। शहर के मुख्य रास्तों पर फैला यह अतिक्रमण शहर की छवि को धूमिल कर रही है।
◆ गैलेंट्री बोर्ड पर विज्ञापन लगाएं, छिपे दिशा-निर्देश
शहर की सड़कों पर लगे गैलेंट्री बोर्ड आज अपनी पहचान खो रहे हैं। आयोजकों द्वारा इन पर चिपकाए गए विज्ञापन से बाहर से आने वाले पर्यटकों को दिशा निर्देश नही मिल पाता है, जिससे यात्री भटकने को मजबूर हैं। कार्यक्रम खत्म होने के हफ्तों बाद भी ये पोस्टर गैलेंट्री बोर्ड से हटे नहीं हैं।
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज
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