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June 29, 2026 11:31 pm

पुलिस कांस्टेबल और लेडी डॉन ने मिठाई व्यापारी के साथ की 2 करोड़ 45 लाख की धोखाधड़ी करने का आरोप, जोधपुर में मामला दर्ज

जोधपुर/ चित्तौड़गढ़। ट्रांसफर-पोस्टिंग और अफीम तस्करी में जमानत के नाम पर 2 करोड़ 45 लाख की ठगी का मामला सामने आया हैं। पूरा खेल जोधपुर की सुनीता विश्नोई और एमपी मनासा पुलिस थाना का हेड कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह ने जाल रचने का आरोप लगा हैं।
मामले सामने आने के बाद पुलिस महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हड़कंप मचा दिया है। जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के नीमच जिले मनासा थाना में तैनात एक हेड कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह और जोधपुर की सुमता उर्फ सुनिता बिश्नोई ने मिलकर चित्तौड़गढ़ के एक बड़े कारोबारी को 2 करोड़ 45 लाख रुपये की ठगी की है। जोधपुर के बोरानाड़ा थाने में इस महाठगी को लेकर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(2), 318(4) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता पर्वत सिंह राजपुरोहित निवासी बीकानेर मिष्ठान भंडार, निंबाहेड़ा, चित्तौड़गढ़ ने पुलिस को बताया कि नीमच का हेड कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह उसका पुराना परिचित था। राघवेंद्र ने फरवरी- 2025 में एक सोची-समझी साजिश के तहत पर्वत सिंह से कहा कि सरकार बदल गई है और अब बड़े पैमाने पर तबादले होने वाले हैं। उसने जोधपुर की सुनिता बिश्नोई से अपनी ऊंची पहुंच का दावा करते हुए कहा कि वे दिल्ली और जयपुर में लाइजिनिंग (तबादलों का खेल) करती है।
आरोपियों ने प्रलोभन दिया कि यदि वे आर्थिक मदद करेंगे, तो उनके पसंदीदा अफसर को चित्तौड़गढ़ का एसपी और सांवरिया सेठ मंदिर का अध्यक्ष बनवा दिया जाएगा, जिससे क्षेत्र में उनका दबदबा हो जाएगा और मंदिर में करोड़ों का लड्डू प्रसादी का ठेका भी मिल जाएगा। झांसे में आकर पीड़ित ने मार्च और अप्रैल 2025 के बीच किस्तों में एक करोड़ 5 लाख रुपये कैश सुनिता के बेटे मनीष व विनोद को सौंप दिए। रसूख दिखाने के लिए सुनिता ने बकायदा कार में लाउडस्पीकर ऑन करके हाईकोर्ट जज और दिल्ली की महिला ज्योतिषी से बात करने का नाटक भी रचा था। यह ठगी यहीं नहीं रुकी। अप्रैल 2025 में हेड कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह कुछ और लोगों को लेकर पीड़ित की दुकान पर पहुंचा और बताया कि निंबाहेड़ा थाने में दर्ज 65 किलोग्राम अफीम तस्करी के एक मामले में उनके रिश्तेदार अर्जुन पाटीदार को हाईकोर्ट से जमानत दिलवानी है। सुनिता बिश्नोई ने इसके लिए एक करोड़ 50 लाख रुपये मांगे। पीड़ित ने बिचौलिया बनकर पाटीदार परिवार से एक करोड़ 40 लाख रुपये कैश लेकर जोधपुर में सुनिता के बेटों को थमा दिए और सुरक्षा के तौर पर अपने 5 ब्लैंक चेक पाटीदार परिवार को दे दिए। समय बीतने पर जब न तो चित्तौड़गढ़ में मनचाहा एसपी आया और न ही अर्जुन की जमानत हुई, तब पाटीदार परिवार ने पीड़ित के चेक बैंक में लगा दिए जो बाउंस हो गए। दबाव बनाने पर सुनिता बिश्नोई ने अगस्त 2025 में 30 लाख रुपये कैश वापस किए और बाकी एक करोड़ 45 लाख रुपये के बदले पार्श्वनाथ सिटी का एक प्लॉट पाटीदार परिवार के नाम कर दिया। बाद में यह प्लॉट विवादित और फर्जी निकला, जिस पर सुनिता के खिलाफ 2023 में पहले ही केस दर्ज था। जब पीड़ित ने अपने बाकी पैसे मांगे, तो सुनिता बिश्नोई ने व्हाट्सएप पर सीधे जान से मारने की धमकी देते हुए कहा- अब पैसा मांगा तो जान ले लूंगी… मेरा नाम सुमता डॉन है। तब जाकर पीड़ित को पता चला कि वह कोई रसूखदार महिला नहीं, बल्कि पुलिस रिकॉर्ड की हिस्ट्रीशीटर है। पीड़ित की रिपोर्ट पर बोरानाड़ा पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया। बोरानाड़ा थाना पुलिस जोधपुर पश्चिम के अनुसंधान अधिकारी चमनाराम उपनिरीक्षक को जांच सौंपी गई है।

डेस्क/माय सर्कल न्यूज
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज

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