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August 15, 2026 12:05 am

प्रशासन

मेवाड़ विश्वविद्यालय में सोलर मैन ऑफ इंडिया प्रो. सोलंकी का अतिथि व्याख्यान

चित्तौड़गढ़। मेवाड़ विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी द्वारा गुरुवार को महाराणा प्रताप सेमिनार हॉल में अंडरस्टैंडिंग क्लाइमेट चेंज एंड करेक्टिव एक्शन विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डिप्टी डीन कपिल नाहर ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने तथा ऊर्जा संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से इस व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता देश के प्रसिद्ध ऊर्जा विशेषज्ञ एवं सोलर मैन ऑफ इंडिया प्रो. चेतन सिंह सोलंकी रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया। स्वागत उद्बोधन देते हुए डीन एकेडमिक्स प्रो. (डॉ.) दीपक व्यास ने प्रो. चेतन सिंह सोलंकी का परिचय देते हुए उन्हें देश के लिए प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देश ने आयरन मैन और मिसाइल मैन जैसे महान व्यक्तित्व दिए हैं, उसी प्रकार प्रो. चेतन सिंह सोलंकी ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अपने समर्पण और नवाचार से एक नई पहचान स्थापित की है। अपने व्याख्यान में प्रो. चेतन सिंह सोलंकी ने जलवायु परिवर्तन की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पृथ्वी के सीमित प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग ही मानवता के सुरक्षित भविष्य की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से ऊर्जा संरक्षण, सौर ऊर्जा के अधिकाधिक उपयोग तथा पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती का समाधान केवल तकनीकी उपायों से नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की सोच और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन से संभव है।

प्रो. सोलंकी ने अपने संबोधन के दौरान अपनी एनर्जी स्वराज यात्रा, भारत क्लाइमेट सत्याग्रह यात्रा तथा सौर ऊर्जा से संचालित एनर्जी स्वराज बस की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि नवंबर 2020 से प्रारंभ हुई एनर्जी स्वराज यात्रा के माध्यम से वे इसी बस में देशभर का भ्रमण कर स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा संरक्षण और सतत जीवनशैली का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बस इस बात का जीवंत उदाहरण है कि सीमित संसाधनों और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से भी सुविधाजनक एवं सम्मानजनक जीवन जिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मानव पृथ्वी की क्षमता से लगभग 1.8 गुना अधिक प्राकृतिक संसाधनों का उपभोग कर रहा है, जबकि हमारे पास रहने के लिए केवल एक ही पृथ्वी है। इसलिए समाधान केवल सरकारी नीतियों में नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की जीवनशैली और उपभोग की आदतों में बदलाव लाने में निहित है।

उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2025 में प्रारंभ किए गए ‘फाइनाइट अर्थ मूवमेंट’ के माध्यम से वर्ष 2027 तक विश्वभर के एक अरब लोगों को जलवायु संरक्षण के इस अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ऊर्जा संरक्षण को केवल एक विषय नहीं, बल्कि अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

व्याख्यान के उपरांत विद्यार्थियों ने जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा संरक्षण एवं सतत विकास से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका प्रो. सोलंकी ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया।

कार्यक्रम के समापन पर विश्वविद्यालय की ओर से प्रो. चेतन सिंह सोलंकी एवं उनकी टीम को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थी चित्फल नाइक एवं सिंचाना कर्मकार ने किया। अंत में कपिल नाहर ने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

डेस्क/माय सर्कल न्यूज
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज

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