क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार रघुनाथपुर निवासी सुरेशचंद्र धाकड़ 29 दिसंबर 2025 की दोपहर करीब 3 बजे अपने खेत पर काम कर रहे थे। उसी समय उनके पड़ोसी कैलाश धाकड़ खेत में बिजली की केबल लंबी करने का काम कर रहे थे। केबल को जमीन पर बिखरा देख सुरेशचंद्र ने सुरक्षा के लिहाज से सुझाव दिया कि बिजली की केबल को जमीन से ना होकर, नीम के पेड़ के ऊपर से बांध कर ले जाया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की जनहानि ना हो। इस बात पर कैलाश चंद्र धाकड़ गुस्से में आ गए और गाली गलौज करने लगे। जब सुरेशचंद्र वहां से जाने लगे तो कैलाश धाकड़ ने उन्हें रोका और मारपीट शुरू कर दी। पास में पड़ी लकड़ी से उन्हें मारा। इस मारपीट से मेरे पिताजी के दाहिने हाथ की कलाई और आंख के पास गंभीर चोटें आईं।
सलाह पर भड़का हमलावर
सुरेशचंद्र की यह नेक सलाह सुनकर कैलाश धाकड़ आगबबूला हो गया और अपशब्द कहने लगा। जब विवाद बढ़ा तो सुरेशचंद्र वहां से जाने लगे, लेकिन कैलाश ने उन्हें रोक लिया और पास ही पड़ी एक भारी लाठी से हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि सुरेशचंद्र के सिर, आंख और हाथ पर गंभीर चोटें आईं।
तीन अस्पतालों के चक्कर, शरीर में कई जगह फ्रैक्चर
परिजनों ने बताया कि लहूलुहान हालत में सुरेशचंद्र को पहले राजकीय अस्पताल बंबोरी ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें निंबाहेड़ा रेफर किया गया। स्थिति में सुधार न होने और अंदरूनी चोटों के कारण अंत में उन्हें उदयपुर के बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया। मेडिकल जांच मे कलाई, सिर और नाक की हड्डी में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पीड़ित के पुत्र जमनालाल धाकड़ ने जलोदा जागीर थाने में लिखित रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताया गया कि पिता की गंभीर हालत और अस्पताल में उपचार के कारण मामला दर्ज कराने में देरी हुई। पुलिस ने आरोपी कैलाश धाकड़ के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता धारा 115(2), 126(2), 352 के तहत मामला दर्ज किया है।