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June 1, 2026 12:02 am

प्रशासन

मौत बीमारी से, कागज पर करंट.. कपासन में दो करोड़ के हाई-प्रोफाइल बीमा फर्जीवाड़े में एक सरकारी डॉक्टर गिरफ्तार

कपासन (माय सर्कल न्यूज)। कपासन पुलिस ने एक बड़े और हाई-प्रोफाइल बीमा फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए एक संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पुलिस ने इस मामले में कपासन के उप जिला चिकित्सालय में कार्यरत सरकारी चिकित्सक डॉ. सुग्रीव मीणा को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर पर आरोप है कि उसने दो करोड़ रुपये का मोटा बीमा क्लेम उठाने की नीयत से एक मृत व्यक्ति की फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की और असली मेडिकल तथ्यों को पूरी तरह छुपा दिया।

क्या है पूरा मामला?

इस सनसनीखेज साजिश की शुरुआत तब हुई जब केयर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ने कपासन थाने में एक शिकायत दर्ज कराई। कंपनी के इंटरनल इन्वेस्टिगेशन में कुछ ऐसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे, जिसने मौत की पूरी कहानी पर ही सवालिया निशान खड़े कर दिए थे। रिकॉर्ड के मुताबिक, कपासन निवासी बद्रीलाल जाट की मौत को बिजली का करंट लगने से हुई दुर्घटना दर्शाया गया था, ताकि विभिन्न बीमा कंपनियों से करीब दो करोड़ रुपये का क्लेम हासिल किया जा सके।

◆ बीमारी से मौत, कागज पर दिखाया करंट

पुलिस अनुसंधान और मेडिकल रिकॉर्ड्स की गहन जांच में सामने आया कि मृतक बद्रीलाल जाट लंबे समय से टीबी और फेफड़ों की गंभीर बीमारी से पीड़ित था, जिसका इलाज भी चल रहा था। घटना वाले दिन तड़के करीब 3 बजे परिजन उसे अस्पताल लेकर आए थे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इसके बावजूद, बाद में बीमा राशि हड़पने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची गई। खेत में करंट लगने की झूठी कहानी गढ़ी गई और उसी आधार पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी तैयार करवा ली गई।

◆पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुला विरोधाभास

जब पुलिस ने मामले की परतें उखाड़ना शुरू किया, तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज समय, मौत के कारण और स्थापित मेडिकल गाइडलाइंस में गंभीर विरोधाभास पाए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी डॉ. सुग्रीव मीणा ने वास्तविक बीमारी और मौत के असल कारणों को जानते हुए भी पद का दुरुपयोग किया और कूटरचित रिपोर्ट तैयार की। इस मामले में कपासन थाना अधिकारी सुनील शर्मा ने बताया कि पुलिस इस पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ रही है। मामले में मृतक के बेटे नारायण लाल जाट को पुलिस पहले ही मुख्य साजिशकर्ता के रूप में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब सरकारी डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस दो करोड़ के फर्जीवाड़े के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इस संगठित नेटवर्क में अस्पताल प्रशासन या बीमा एजेंटों के स्तर पर कौन-कौन शामिल है। आने वाले दिनों में कुछ और रसूखदार चेहरों की गिरफ्तारी की संभावना है।

डेस्क/माय सर्कल न्यूज
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज

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