बेगूं। स्वर्णकार समाज बेगूं और महिला संगठन ने गुरुवार को बेगूं उपखंड अधिकारी अंकित सामरिया को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। समाज ने अपनी विभिन्न मांगों पर सरकार से अनुमोदन पूरा करने की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के पुरुष और महिलाएं उपस्थित थीं।
ज्ञापन में कहा गया कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में शामिल स्वर्णकार कारीगर सोने-चांदी की आसमान छूती कीमतों से परेशान हैं। चांदी का भाव लगभग 1.17 लाख प्रति किलोग्राम और सोने का भाव 1 लाख प्रति 10 ग्राम से ऊपर चला गया है। इस स्थिति में कारीगरों के लिए अपने परिवारों का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। समाज ने मांग करते हुए ज्ञापन में बताया कि स्वर्णकार समाज के कारीगरों को कम से कम 20 लाख का बैंक ऋण बिना किसी गारंटी और बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जाए। स्वर्णकार दुकानदारों के लिए बैंकों के माध्यम से 20 लाख की लिमिट निर्धारित की जाए। इससे वे अपनी दुकानों में सोनेचांदी का स्टॉक रख सकें। ज्ञापन में यह भी सवाल उठाया गया कि जैसे डीजल-पेट्रोल और कच्चे तेल के दाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय होने के बावजूद भारत सरकार उन पर नियंत्रण रखती है, वैसे ही सोने-चांदी के दामों पर भी नियंत्रण क्यों नहीं किया जा रहा।

