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February 6, 2026 11:28 am

प्रदेश में 5,46,56,215 मतदाताओं में से 5,04,71,396 मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र जमा करवाए

जयपुर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम स्पष्ट उद्देश्यों के साथ लागू किया जा रहा है, ताकि अधिकतम सहभागिता, सभी पात्र मतदाताओं का पूर्ण समावेशन तथा प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। इस चरण की सफलता 41 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO), 199 निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO), 850 सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) तथा 61,136 मतदान केंद्रों पर तैनात बीएलओ के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। 8 प्रमुख राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों सहित उनके क्षेत्रीय प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता की तथा 1,04,713 बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि इस प्रक्रिया में सभी मतदाताओं एवं सभी राजनीतिक दलों की सहभागिता सतत् रूप से जारी रही। 16 दिसम्बर, 2025 तक, कुल 5,46,56,215 मतदाताओं में से 5,04,71,396 मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र जमा करवाए, जो SIR के प्रथम चरण में व्यापक सहभागिता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि आयोग पारदर्शी, सहभागी एवं समावेशी पुनरीक्षण प्रक्रिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है। वास्तविक पात्र मतदाताओं को दावा एवं आपत्ति चरण 17.12.2025 से 15.01.2026) के दौरान पुनः मतदाता सूची में जोड़ा जा सकता है।

एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए मतदाताओं का नाम केवल एक स्थान पर ही रखा जाएगा।
◆कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं—
सार्वभौमिक जागरूकता एवं सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु गणना अवधि के दौरान सीईओ, डीईओ एवं ईआरओ द्वारा व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए गए तथा राजनीतिक दलों के साथ अनेक बैठकें आयोजित की गई। बीएलओ द्वारा बीएलए के साथ बूथ स्तर की बैठकें की गई, जिन्हें प्रतिदिन अधिकतम 50 गणना प्रपत्र जमा करने की अनुमति दी गई। 27.10.2025 तक सूचीबद्ध सभी मतदाताओं के घर-घर जाकर प्रपत्र वितरित किए गए तथा संग्रह हेतु कम से कम तीन बार भ्रमण किया गया।

◆विशेष पहल—
हैंड होल्डिंग: बीएलओ को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, राजीविका सखी, स्वयंसेवक एवं आईटी सक्षम अधिकारियों का सहयोग दिया गया।
◆सम्मान समारोह: कार्य शीघ्र पूर्ण करने पर 500 बीएलओ/पर्यवेक्षकों एवं 26 ईआरओ का राज्य स्तर पर सम्मान किया गया। क्षमता निर्माण: बार-बार प्रशिक्षण, शंका समाधान सत्र एवं वीडियो ट्यूटोरियल द्वारा 98% से अधिक मैपिंग सुनिश्चित की गई। सोशल मीडिया का रचनात्मक उपयोग: ‘बेस्ट बीएलओ/पर्यवेक्षक ऑफ द डे’ श्रृंखला प्रारंभ की गई।

◆डिजिटाइजेशन हेतु सामुदायिक मॉडल: कमजोर नेटवर्क क्षेत्रों में सामूहिक डिजिटाइजेशन किया गया।
शहरी विशेष शिविर: सभी नगरीय निकायों के वार्डों में विशेष शिविर आयोजित किए गए।

◆युवा मतदाताओं का समावेशन—
1.1.2026 तक 18 वर्ष पूर्ण करने वाले युवाओं को प्रपत्र-6 के माध्यम से आवेदन हेतु प्रोत्साहित किया गया। 13 व 14 दिसंबर 2025 को नव युवाओं द्वारा प्रपत्र – 6 में आवेदन करवाने हेतु विशेष अभियान चलाया गया।

◆मतदाताओं एवं राजनीतिक दलों के साथ सहभागिता—
मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपलब्ध अथवा जिनके प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए, ऐसे मतदाताओं की बूथवार सूची बीएलए को सत्यापन हेतु प्रदान की गई।

◆निर्वाचन स्टाफ एवं स्वयंसेवकों द्वारा सहायता—
वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग एवं कमजोर वर्गों को विशेष सहायता प्रदान करने के लिए राज्यभर में एक लाख से अधिक वॉलेन्टियर्स नियोजित किए गए।

◆गणना के दौरान शिकायत निवारण—
41 जिलों के डीईओ द्वारा साथ ही आमजन के लिए आवश्यक समस्त जानकारी प्रेसनोट, कम्युनिटी पोडकास्ट रेडियो आदि के जरिए समय-समय पर दी गई। मीडिया एवं सोशल मीडिया पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का व्यक्तिगत रूप से समाधान किया गया।

◆प्रारूप मतदाता सूची की जांच—
SIR आदेशानुसार प्रारूप मतदाता सूची 16 दिसंबर 2025 को प्रकाशित की गई। बूथवार मुद्रित व डिजिटल प्रतियां राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गई एवं सीईओ की वेबसाइट https://election.rajasthan.gov.in पर प्रदर्शित की गई। दावा एवं आपत्ति अवधि (16.12.2025 से 15.01.2026) के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने अथवा अपात्र नाम हटाने हेतु आवेदन किया जा सकता है।

◆नियमानुसार ही नाम विलोपन—
SIR दिशा-निर्देशों के अनुसार बिना नोटिस एवं आदेश के कोई नाम नहीं हटाया जाएगा। पीड़ित मतदाता लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 24 के अंतर्गत अपील कर सकता है।

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