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May 7, 2026 5:10 pm

सुरक्षा की फुर्ती, निर्माण में सुस्ती: 46 करोड़ की ज़रूरत और मिले सिर्फ 13 करोड़; बजट की फाइलों में अटकी स्कूलों की नई दीवारें, सबसे बुरा हाल बेगू विधानसभा का

चित्तौड़गढ़, माय सर्कल न्यूज, (सलमान)। गत वर्ष झालावाड़ में हुए दर्दनाक स्कूल हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के नाम पर जिले के जर्जर स्कूल भवनों को गिराने की फुर्ती तो दिखाई, लेकिन अब नए भवनों का निर्माण बजट की फाइलों में उलझ कर रह गया है। जिले में पहली से 12वीं तक के 73 स्कूलों को असुरक्षित मानकर जमींदोज कर दिया अथवा जन स्कूल को बंद कर दिया गया है, लेकिन इनके स्थान पर नई दीवारें कब खड़ी होंगी, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। शिक्षा विभाग ने जिले के इन 73 स्कूलों के पुनर्निर्माण के लिए ऊपरी स्तर पर 46 करोड़ 75 लाख रुपए का बजट प्रस्ताव भेजा था। इसके विपरीत, सरकार की ओर से अब तक महज 13 करोड़ 75 लाख रुपए ही जारी किए गए हैं। बजट की इस भारी कमी के कारण निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो पाया है। प्राथमिक स्तर के 62 स्कूलों की मांग के मुकाबले सिर्फ 17 स्कूल बिल्डिंग के लिए राशि जारी हुई। उच्च प्राथमिक स्तर के 8 स्कूलों में से केवल एक स्कूल के लिए बजट जारी हुआ। सबसे बुरा हाल उच्च माध्यमिक विद्यालयों का है। जिले के 3 बड़े स्कूल बांगेड़ा मामादेव, कनेरा और ठुकराई के स्कूल को असुरक्षित घोषित कर गिराया गया, लेकिन नए भवन के लिए एक रुपया भी स्वीकृत नहीं हुआ। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में सबसे खराब स्थिति बेगूं विधानसभा क्षेत्र की है। जिले के कुल 73 जर्जर स्कूलों में से अकेले 46 स्कूल इसी क्षेत्र के हैं। इसमें भैंसरोड़गढ़ पंचायत समिति के 29 स्कूल शामिल हैं। इन 46 स्कूलों में से बेगू विधानसभा में 4 प्राथमिक स्तर और एक उच्च प्राथमिक स्तर के स्कूल भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हुई हैं। भवन ढहाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने विद्यालय प्रबंधन समिति की सहमति से स्टूडेंट्स के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है। छात्रों को पास के अन्य सरकारी स्कूलों, निजी भवनों या अन्य सरकारी इमारतों में शिफ्ट किया गया है। संसाधनों की कमी बच्चों की पढ़ाई को भी प्रभावित कर रही है।

◆ नई बिल्डिंग के लिए क्या हैं प्रावधान

● पहली से पांचवी तक के प्राथमिक स्तर के स्कूल बिल्डिंग के लिए 75 लाख रुपए

● पहली से आठवीं तक के उच्च प्राथमिक स्कूल के लिए एक करोड़ रुपए

● पहली से 12वीं तक उच्च माध्यमिक विद्यालय के लिए 2 करोड़ रुपए बिल्डिंग निर्माण के लिए मिलते हैं।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जिले के विधायक, सांसद और जिला प्रशासन को पत्र लिखकर विभिन्न मदों से स्कूल बिल्डिंग निर्माण के लिए राशि मांगी गई हैं।

◆ प्रधानाचार्य खरीदेंगे सीढ़ी, छतों की करेंगे सफाई

वही मानसून से पहले जिले के उच्च माध्यमिक स्कूल के प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर उनके अधीनस्थ आने वाले सभी स्कूलों की छतों के सफाई करवाने के आदेश भी जारी किए हैं। इस आदेश के तहत ग्रीष्मावकाश से पूर्व उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य लोहे अथवा लकड़ी की सीढ़ी खरीद सकेंगे और उनके अधीनस्थ आने वाले सभी स्कूलों में सीढ़ी ले जाकर स्कूल की छत की सफाई सुनिश्चित करेंगे ताकि बारिश से पूर्व स्कूल छत के नाले की सफाई हो और छत का पानी की निकासी पूरी हो सके। कहीं स्कूलों की छतों के नालियों की सफाई नही होने से उनमें कचरा जमने से छतों पर पानी भर जाता और फिर कमरों में टपकने से भी छते खराब होने की आशंका बनी रही हैं लेकिन इस पहल के बाद कुछ हद तक छत सफाई से निजात मिलने की संभावना जताई गई हैं।

डेस्क/माय सर्कल न्यूज
Author: डेस्क/माय सर्कल न्यूज

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